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​होर्मुज में संकट, तेल की सप्लाई के लिए नया रास्ता… पश्चिम एशिया में अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट्स पर EIL की नजर

सरकारी कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड अगले 23 सालों में पश्चिम एशिया में अरबों डॉलर के इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स पर नजर रखे हुए है, क्योंकि UAE और सऊदी अरब जैसे देश होर्मुज स्ट्रेट की जगह वैकल्पिक इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बना रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकाईरान संघर्ष की वजह से सुर्खियों में है और परिवहन यातायातर काफी बाधित हुआ है.

​होर्मुज में संकट, तेल की सप्लाई के लिए नया रास्ता… पश्चिम एशिया में अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट्स पर EIL की नजर

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल गुप्ता ने कहा कि कंपनी पहले से ही दोनों देशों के साथ बातचीत कर रही है, जो होर्मुज स्ट्रेट को बाइपास करने के लिए पाइपलाइन, टर्मिनल और स्टोरेज सुविधाओं सहित तेल इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बना रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में पश्चिम एशिया में स्थिति में सुधार होने पर EIL की मौजूदा 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऑर्डर बुक के बढ़ने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 26 फरवरी के बाद से , खाड़ी क्षेत्र जैसे कुछ क्षेत्रों से ऑर्डर इनफ्लो में कुछ मंदी आई है.

पश्चिम एशिया में कारोबार बढ़ाने पर EIL का फोकस

उन्होंने कहा कि EIL ने इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया में अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए सऊदी अरब में एक नया ऑफिस खोला है. EIL के चेयरमैन ने कहा कि UAE ने मई में एक कॉन्फ्रेंस में बताया था कि वह इस इलाके में आर्थिक गतिविधि को तेज़ करने के लिए अगले कुछ सालों में ओवरऑल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में लगभग $55 बिलियन के निवेश की प्लानिंग कर रहा है.

गुप्ता ने कहा, “हमारे असेसमेंट के मुताबिक, क्रूड ऑयल के बेहतर फ्लो के लिए होर्मुज को बायपास करने के लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर… में एक बिलियन डॉलर से ज़्यादा का इन्वेस्टमेंट होगा.”

न्यूक्लियर एनर्जी में निवेश की पहल

अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए, गुप्ता ने कहा कि EIL दूसरे सेक्टर में भी डायवर्सिफाई कर रहा है और न्यूक्लियर पावर प्लांट की इंजीनियरिंग और डिजाइन से जुड़े 11 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है. इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी कंपनी, जो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल में है, ने भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स के लिए स्ट्रक्चर, सिस्टम और कंपोनेंट्स के कॉन्सेप्चुअल डिजाइन और इंजीनियरिंग को डेवलप करने के लिए न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन किया है.

गुप्ता ने कहा, “हमने न्यूक्लियर एनर्जी सेगमेंट को पूरा करने के लिए अपनी काबिलियत डेवलप की है. सरकार ने 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर एनर्जी कैपेसिटी डेवलप करने का प्लान बनाया है. हमारे लिए बहुत पोटेंशियल है.” उन्होंने कहा कि EIL ने भुवनेश्वर में भारतीय रिज़र्व बैंक के लिए एक डेटा सेंटर बनाया है और अब चेन्नई में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के टेलीकॉम बिज़नेस, पावरटेल के लिए एक और डेटा सेंटर पर काम शुरू कर दिया है.

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