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​बिना शोर मचाए सालों से दबाकर रखे थे शेयर! Tata Sons IPO से सामने आएंगे कई ‘गुमनाम करोड़पति’

टाटा ग्रुप की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस के संभावित आईपीओ को लेकर बाजार में हलचल काफी तेज हो गई है. अगर टाटा संस शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो यह न सिर्फ देश का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है, बल्कि सालों से शांत और लाइमलाइट से दूर रहने वाले कई ‘गुमनाम करोड़पति’ भी अचानक सुर्खियों में आ जाएंगे. टाटा परिवार से जुड़े कई छोटे शेयरहोल्डर, रिश्तेदार और पुराने निवेशक, जिनके पास कंपनी के शेयर सालों से पड़े हैं, इस लिस्टिंग के बाद सीधे देश के बड़े अमीर घरानों की गिनती में सामने आ सकते हैं.

​बिना शोर मचाए सालों से दबाकर रखे थे शेयर! Tata Sons IPO से सामने आएंगे कई ‘गुमनाम करोड़पति’

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत अपरलेयर एनबीएफसी कंपनियों के लिए बाजार में लिस्ट होना आवश्यक है. वर्तमान में टाटा संस की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी ‘टाटा ट्रस्ट्स’ के पास है और लगभग 18.4% हिस्सेदारी शापूरजी पालोनजी ग्रुप के पास है. इसके अलावा बचा हुआ छोटा हिस्सा टाटा परिवार के अलगअलग मेंबर्स और छोटे निवेशकों के पास है.

अब तक प्राइवेट कंपनी होने के कारण इन शेयरों का सही बाजार भाव सामने नहीं आता था, लेकिन आईपीओ आते ही इन माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स की संपत्ति का असली आंकड़ा सार्वजनिक हो जाएगा, जिससे कई ऐसे लोग रातोंरात चर्चा में आ जाएंगे जिन्होंने कभी मीडिया या पब्लिक प्लेटफॉर्म्स पर अपनी दौलत का ढोल नहीं पीटा. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वो कौन से से लोग हैं और उनके पास टाटा संस के कितने शेयर हैं?

कुछ ऐसा है टाटा संस के शेयरों का गणित

  1. ईटी की रिपोर्ट में इंवेस्टमेंट बैंकर्स के अनुमान के हवाले से कहा है कि 912.5 लाख करोड़ रुपए की वैल्यूएशन पर, टाटा संस के 404,146 शेयर्स में से हर एक की कीमत लगभग 2.23 से 3.09 करोड़ होगी.
  2. सबसे बड़ा हिस्सा टाटा ट्रस्ट्स के पास है, इसके बाद शापूरजी पलोनजी ग्रुप की दो कंपनियों का नंबर आता है, और फिर टाटा ग्रुप की दूसरी कंपनियां हैं.
  3. जिन लोगों की संपत्ति बढ़ेगी, उनमें जिमी नवल टाटा भी शामिल हैं. वे स्वर्गीय रतन टाटा के छोटे भाई हैं और हमेशा लाइमलाइट से दूर पुणे में रहते हुए सादगी से जीवन बिताते रहे हैं. उनके पास 3,262 शेयर हैं, जिनकी कीमत लगभग 7,26410,089 करोड़ रुपए है, या ज्यादा से ज्यादा अनुमान के हिसाब से 1 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा है.
  4. टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा, जिनका 2024 में निधन हो गया, के पास 3,368 शेयर थे. उसी वैल्यूएशन पर उनके हिस्से की कीमत लगभग 7,50010,417 करोड़ रुपए होती. इन तीनों भाइयों का परिवार नवल टाटा से जुड़ा है, जिन्हें सर रतन टाटा की पत्नी लेडी नवाजबाई टाटा ने गोद लिया था.
  5. यह सब कागजी वैल्यू है. जानकारों का कहना है कि अगर लिस्टिंग होती है, तो कीमत, हिस्सेदारी में बदलाव , इश्यू का स्ट्रक्चर, टैक्स और बेचने पर लगी पाबंदियों की वजह से शेयरहोल्डर्स को असल में जो फायदा होगा, उसमें काफी बदलाव आ सकता है.

क्या आसानी से बेचे जा सकेंगे टाटा संस के शेयर?

  1. रजिस्टर में आगे टाटा परिवार की एक कम जानीपहचानी शाखा का जिक्र है, जिसमें HDFC बैंक के चीफ क्रेडिट ऑफिसर जिमी मिनोचर टाटा शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी बनाया गया है.
  2. पीलू मिनोचर टाटा, जिनका पारिवारिक संबंध मिनोचर टाटा से है, के पास 487 शेयर हैं. इस हिस्सेदारी की कीमत लगभग 1,0851,506 करोड़ रुपए हो सकती है.
  3. पीलू के बच्चों, जिमी मिनोचर टाटा और वेरा फरहाद चोकसी, में से हर एक के पास 157 शेयर हैं. इसलिए उनकी हिस्सेदारी की कीमत हर एक के लिए 350486 करोड़ रुपए हो सकती है.
  4. टाटा सेंट्रल आर्काइव्स का फैमिली ट्री मिनोचर टाटा और पीलू दस्तूर को जिमी और वेरा के मातापिता के तौर पर दिखाता है. वेरा ने बाद में फरहाद चोकसी से शादी की.
  5. जानकारों का कहना है कि शेयरधारकों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि उन्हें IPO के ‘ऑफरफॉरसेल’ हिस्से में अपनेआप शामिल कर लिया जाएगा, क्योंकि इसमें हिस्सा लेना इश्यू के लिए तय की गई शर्तों पर निर्भर करेगा. हालांकि, एक बार शेयर लिस्ट हो जाने के बाद, माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के पास खुले बाजार में अपनी हिस्सेदारी बेचने की आजादी होगी.
  6. IPO और वैल्यूएशन एडवाइजरी में माहिर बुटीक फर्म, मॉर्फिस मैनेजमेंट सर्विसेज के पार्टनर विमल टापरिया ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि अब तक, ऐसी हिस्सेदारी की कीमत ज्यादातर कागज़ों पर ही रही है, और इसे कैश में बदलने के रास्ते सीमित रहे हैं. लिस्टिंग के बाद इसे शेयर बाजार में आसानी से बेचने की आजादी होगी.
  7. किसी भी व्यक्ति के पास सबसे बड़ी हिस्सेदारी टाटा संस की लगभग 1 फीसदी है, जो टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के पास है. उनके 4,060 शेयरों की कीमत लगभग 9,04112,557 करोड़ रुपए होगी.
  8. वे रतन टाटा और जिमी टाटा के सौतेले भाई हैं, जो नवल टाटा की पहली पत्नी सुनू कमिसारिएट से हुई संतान थे. नोएल टाटा, नवल टाटा और सिमोन डुनोयर के बेटे हैं.
  9. सबसे कम हिस्सेदारी नोएल टाटा के तीन बच्चों — लिया, माया और नेविल — के पास है, जिनमें से हर एक के पास दो शेयर हैं. वैल्यूएशन के ऊपरी स्तर पर, दो शेयरों वाली हर हिस्सेदारी की कीमत कागजों पर लगभग 6.2 करोड़ रुपए होगी.
  10. भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस के उस आवेदन को अस्वीकार कर दिया है जिसमें उसने अपनी कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का रजिस्ट्रेशन कैंसल करने और अपर लेयर की एनबीएफसी पर लागू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क से बाहर रहने की मांग की थी. इस निर्णय के अनुसार, टाटा संस को लागू नियमों का पालन करना होगा, जिसमें लिस्टिंग होना भी शामिल है.

इस कदम के खिलाफ

टाटा संस के कुछ छोटे पारसी शेयरहोल्डर होल्डिंग कंपनी के पब्लिक होने के पक्ष में नहीं हैं. उनका कहना है कि वे ग्रुप के होल्डिंग स्ट्रक्चर को प्राइवेट ही रखना पसंद करेंगे. नाम न बताने की शर्त पर एक शेयरहोल्डर ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि हम इसे प्राइवेट ही रखना पसंद करेंगे. मैं पर्सनली लिस्टिंग के पक्ष में नहीं हूं. इनमें से कुछ शेयरहोल्डर्स की सोच मौजूदा ओनरशिप स्ट्रक्चर को बनाए रखने और गवर्नेंस, डिस्क्लोजर और शेयरहोल्डर डायनामिक्स में उन बदलावों से बचने की है, जो टाटा संस की पब्लिक लिस्टिंग के साथ आएंगे.

एक और बड़े पारसी शेयरहोल्डर ने कहा कि कम्युनिटी की सोच हमेशा से खुली रही है, लेकिन वे लंबे समय से अपनी निजी मामलों को लेकर बहुत सतर्क रहे हैं. एक और शेयरहोल्डर ने कहा मीडिया रिपोर्ट में कहा कि मार्केट डायनामिक्स से लड़ा नहीं जा सकता. लिस्टिंग टाटा संस के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव होगा, जिसका असर सभी शेयरहोल्डर्स पर पड़ेगा और वे पब्लिक की नजर में आ जाएंगे.

SP ग्रुप के पास हिस्सेदारी

इसके अलावा, टाटा संस के साथ लंबे और जटिल इतिहास वाला एक और परिवार है मिस्त्री परिवार. SP ग्रुप के चेयरमैन और टाटा संस में काफी बड़ी इनडायरेक्ट हिस्सेदारी रखने वाले परिवार के मेंबर शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री के पास सीधे तौर पर 54 शेयर हैं. इन शेयरों की कीमत 120167 करोड़ रुपए के बीच होगी. उनके भतीजे फिरोज साइरस और जहान साइरस में से हर एक के पास 2727 शेयर हैं. हर हिस्सेदारी की कीमत 6084 करोड़ रुपए के बीच होगी. मिस्त्री परिवार के इन तीनों सदस्यों की कुल डायरेक्ट हिस्सेदारी की कीमत लगभग 241334 करोड़ रुपए होगी.

उनकी डायरेक्ट हिस्सेदारी, स्टर्लिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन और साइरस इन्वेस्टमेंट्स के जरिए परिवार की हिस्सेदारी के मुकाबले बहुत कम है. इन दोनों कंपनियों के पास मिलकर टाटा संस की 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है. रजिस्टर में सबसे नीचे एक ऐसी हिस्सेदारी है जो आम कॉर्पोरेट स्टैंडर्ड्स के हिसाब से छोटी लगती है. गुजरात के छोटा उदयपुर के एक परिवार के सदस्य ऐश्वर्या प्रतापसिंह वी चौहान, भवानी प्रतापसिंह वी चौहान और जय प्रतापसिंह वी चौहान टाटा संस के एक शेयर से जुड़े हैं. माना जाता है कि यह शेयर 1980 के दशक में JRD टाटा ने उनके पिता को गिफ्ट में दिया था. अनुमानित वैल्यूएशन के हिसाब से, उस एक शेयर की कीमत ₹2.233.09 करोड़ के बीच होगी.

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