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​Lucknow News : सुशांत गोल्फ सिटी के 2747 बंधक भूखंड होंगे अवमुक्त, होम बायर्स को बड़ी राहत; रजिस्ट्री नहीं होगी निरस्त

​Lucknow News : सुशांत गोल्फ सिटी के 2747 बंधक भूखंड होंगे अवमुक्त, होम बायर्स को बड़ी राहत; रजिस्ट्री नहीं होगी निरस्त

लखनऊ, अमृत विचार : मेसर्स असंल प्रॉपर्टी इन्फ्रस्ट्रक्चर लिमिटेड ने सुशांत गोल्फ सिटी में फर्जीवाड़ा करके जिन 2747 बंधक भूखंडों को बेचा था, उन्हें एलडीए अवमुक्त करेगा। इनकी रजिस्ट्री निरस्त नहीं की जाएगी। इससे होम बायर्स को बड़ी राहत मिलेगी। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अंसल ने एलडीए में गारंटी के तौर पर कुल 3489 भूखंड बंधक रखे थे।

टाउनशिप की शर्तों के अनुसार यह भूखंड इसलिए बंधक रखे गए थे, कि अगर अंसल योजना में प्रस्तावित कार्य नहीं कराएगा तो प्राधिकरण इन जमीनों को बेचकर कालोनी का विकास करेगा। नियमानुसार बंधक भूखंड को बिना प्राधिकरण की अनुमति के बेचा नहीं जा सकता था। लेकिन, अंसल ने फर्जीवाड़ा करते हुए इनमें से 2747 बंधक भूखंड बेच दिए थे। इन भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त नहीं की जाएगी। 

बल्कि एलडीए भूखंडों को अवमुक्त करेगा। शासन भेजे गए इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के समक्ष परियोजना को पूर्ण करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। अनुमति प्राप्त होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एलडीए जारी करेगा पूर्णता प्रमाण पत्र

अंसल के विकसित क्षेत्र में पूर्णता प्रमाण पत्र निर्गत किये जाने की अनुमति प्राधिकरण को मिलने से बंधक भूखंड को अवमुक्त किये जाने का रास्ता साफ हो गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि सुशांत गोल्फ सिटी के अर्द्ध विकसित तथा अविकसित क्षेत्र में बंधक भूखंडों का विकास कार्य एलडीए पूर्ण कराएगा। सेक्टर अथवा पॉकेट वाईज पूर्णता प्रमाण पत्र निर्गत करते हुए अनुपातिक रूप से बंधक भूखंड अवमुक्त किये जाएंगे। 

विकास कार्य पूर्ण कर अवमुक्त होंगे भूखंड 

इसके अतिरिक्त अर्द्ध विकसित तथा अविकसित क्षेत्र के किसी भूखंड के सम्बंध में पूर्णता प्रमाण पत्र निर्गत करने से पूर्व अगर सम्बंधित भूस्वामी अपनी बंधक भूमि अवमुक्त कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत करता है, तो निर्धारित शर्तों के अनुसार उसे बंधक मुक्त करने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए आवेदक को प्राधिकरण बोर्ड द्वारा निर्धारित शुल्क के बराबर गारंटी राशि प्राधिकरण में जमा करनी होगी। विकास कार्य पूर्ण होने पर संबंधित भूखंड का पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किये जाने पर यह गारंटी राशि वापस कर दी जाएगी।

 

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