
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश सरकार ने एग्रीस्टैक के तहत प्रदेश के शतप्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के लिए विशेष महाअभियान शुरू करने का फैसला किया है। शासन के आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 25 सितंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी भूस्वामी और बटाईदार किसानों को फार्मर आईडी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
दरअसल, शासनादेश के तहत विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र को अनिवार्य किया जा चुका है। इसी को देखते हुए सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
कम रजिस्ट्री वाले गांवों में लगेंगे कैंप
अभियान के तहत सबसे पहले उन गांवों को चिन्हित किया जाएगा, जहां अभी तक सबसे कम फार्मर रजिस्ट्री हुई है। इन गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। कैंप के दौरान किसानों की खतौनी दुरुस्त करने, नेम मैच स्कोर और अंश निर्धारण जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर फार्मर रजिस्ट्री का काम कराया जाएगा।
जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी और जनपदीय उप कृषि निदेशक को संयुक्त रूप से अभियान के लिए जिला स्तर का नोडल अधिकारी बनाया गया है। दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारी कैंपों के सफल आयोजन और संचालन की होगी।
बटाईदार किसानों की भी बनेगी फार्मर आईडी
सरकार ने अभियान में सिर्फ जमीन के मालिक किसानों को ही नहीं, बल्कि किराए या बटाई पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों को भी शामिल किया है। एग्रीस्टैक के तहत विकसित ‘कल्टिवेटर/टेनेंट मॉड्यूल’ के जरिए ऐसे किसानों की भी फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाएगी। कैंपों के लिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां बिजली, इंटरनेट, कुर्सी और मेज की पर्याप्त सुविधा हो। इसके लिए ग्राम सचिवालयों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
लेखपाल करेंगे रात्रि प्रवास, मौके पर सुलझाएंगे विवाद
अभियान में राजस्व लेखपालों की भूमिका अहम होगी। जरूरत के अनुसार लेखपाल गांवों में रात्रि प्रवास करेंगे और खतौनी से जुड़े विवादों व समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा कराएंगे। कैंप मोड में काम के लिए भारत सरकार के ऑपरेटर मोड के तहत राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक , ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक और सहायक तकनीकी प्रबंधक को ऑपरेटर बनाया गया है। इसके अलावा पंचायती राज, ग्राम्य विकास, गन्ना और उद्यान विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ बीसीसखी और कृषिसखी को भी ‘फार्मर सहायक यूपी ऐप’ का विशेष प्रशिक्षण देकर अभियान में लगाया जाएगा।



