
सीतापुर,अमॄत विचार। यूपी के सीतापुर में कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक शोषण किया गया। ऐसे में जब वो गर्भवती हो गयी तो उसकी इच्छा के विरुद्ध समय से पहले जबरन डिलीवरी कराने और नवजात बच्ची को दफनाए जाने का आरोप है। युवती की मां ने पुलिस को तहरीर देकर नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही नवजात को दफनाए जाने वाले स्थान की पहचान कराकर शव या अवशेषों का फोरेंसिक परीक्षण कराने की मांग भी की है।
पहले प्रेमजाल में फंसाया
पीड़िता का आरोप है कि उनकी 19 वर्षीय पुत्री को गांव के ही आसिफ ने प्रेमजाल में फंसाकर करीब दो वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण करा। बीते जनवरी माह में पुत्री के गर्भवती होने की जानकारी हुई तो दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई। आरोप है कि युवक के परिजनों ने डिलीवरी के बाद दोनों का निकाह कराने का भरोसा दिया था।
जबरन कराया प्रसव
पीड़िता के मुताबिक, अगस्त माह में प्रसव का समय पूरा होने से करीब दो माह पहले आरोपी आसिफ, रोजली, समीम, शब्बीर, नबी वारिस, ससबिन्द यादव व मुन्ना यादव ने युवती को जबरन दवा दी और डिलीवरी कराने का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर उसे महमूदाबाद क्षेत्र के राधा कृष्णा अस्पताल ले जाया गया। मां का आरोप है कि वहां युवती के बेहोशी की हालत में प्रसव करा दिया गया।
जन्मी बच्ची को दफनाने का आरोप
महिला के मुताबिक, बाद में उसकी पुत्री को पता चला कि जन्मी नवजात बच्ची को मारकर दफना दिया गया। आरोप है कि मामले को दबाए रखने के लिए निकाह का भरोसा दिया जाता रहा। विरोध करने या शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।
हाल फिल्हाल पीड़िता की मां ने पुलिस से पूरे मामले की शिकायत की है। कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


