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​पुलिस कस्टडी में युवक की मौत का मामला : किशोरी के पिता, भाई और पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज, नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका

​पुलिस कस्टडी में युवक की मौत का मामला :  किशोरी के पिता, भाई और पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज, नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका

प्रतापगढ़, अमृत विचार : पट्टी कोतवाली परिसर में 21 सितंबर को 22 वर्षीय दलित युवक अर्जुन उर्फ शैलेश की फंदा लगाने से संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने थाने में हत्या की आशंका, जातिसूचक शब्द और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे क्षेत्रीय विधायक और सपा नेताओं को पुलिस ने रोक दिया, जिससे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। युवक के शव को घर से कुछ दूर दफनाया गया।

पट्टी थाना क्षेत्र के मोलनापुर  निवासी मृतक के पिता लल्लूराम पुत्र जगनारायण ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके बेटे अर्जुन का गांव की ही एक लड़की से प्रेम संबंध था। पूर्व में दर्ज एक मुकदमे में लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद भी लड़की के पिता संतोष दूबे और भाई अनीश दूबे द्वारा उनके बेटे को जातिसूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।

16 सितंबर 2026 को लड़की के दोबारा घर से चले जाने पर संतोष दूबे ने अर्जुन के खिलाफ फिर से मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि पट्टी पुलिस अर्जुन को दिल्ली से पकड़कर लाई और थाने की अभिरक्षा में रखा। 21 सितंबर की दोपहर लगभग दो बजे गांव के प्रधान ने परिजनों को सूचना दी कि अर्जुन की थाने में फांसी लगाने से मौत हो गई है। लल्लूराम का आरोप है कि पुलिस और लड़की के परिजनों की मिलीभगत से उनके बेटे की थाने में हत्या की गई है। पिता लल्लूराम की तहरीर के आधार पर पट्टी कोतवाली पुलिस ने सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विवेचना सीओ पट्टी को सौंपी गई है। घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। मंगलवार को पट्टी विधायक राम सिंह पटेल,सपा जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी और सांसद प्रतिनिधि बी.एल. वर्मा पीड़ित परिवार से मिलने और शोक संवेदना व्यक्त करने उनके घर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। सपा नेताओं ने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। इस दौरान जितेंद्र सिंह, प्रमोद पटेल, ललित यादव,राजेश गौड़,मानवेन्द्र पटेल,सपा नेता विजय यादव,जिला पंचायत सदस्य पवन सरोज,बसपा जिलाध्यक्ष सुशील गौतम सहित कई नेता मौजूद रहे। युवक की मौत के दूसरे दिन पुलिस प्रशासन के काफी मान मनव्वल के बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। घर से कुछ दूर पर युवक की शव को दफनाया गया।

विधायक ने प्रशासन के रवैये पर उठाए सवाल

पट्टी से सपा विधायक राम सिंह पटेल ने कहा कि एक तरफ परिजन पुलिस पर मारपीट और हत्या का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। यदि जांच में किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही या संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

पट्टी कोतवाली के सामने वकीलों ने किया पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन

पट्टी कोतवाली परिसर में हिरासत के दौरान 22 वर्षीय युवक अर्जुन उर्फ शैलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में मंगलवार को पट्टी कोतवाली के सामने अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में युवक की मौत एक गंभीर मामला है और इसमें निष्पक्षता की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने घटना की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। 

भारी पुलिस बल की तैनाती, छावनी में तब्दील रहा इलाका

पट्टी कोतवाली परिसर में युवक की मौत के बाद उपजे जनाक्रोश और राजनीतिक हलचल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्थिति की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मृतक के गांव मोलनापुर और आसपास के पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पट्टी,आसपुर देवसरा,कोंहडौर,नगर कोतवाली, फतनपुर, रानीगंज, कोतवाली देहात,रानीगंज,देल्हूपुर, मानधाता,अंतू, जेठवारा,बाघराय, सहित जिले के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मुस्तैद रही। गांव को जोड़ने वाले सभी प्रमुख रास्तों और चौराहों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो सके। एसडीएम पट्टी सुनील कुमार,सीओ पट्टी प्रदीप सिंह,सीओ सदर मनोज रघुवंशी,सीओ सिटी आशुतोष मिश्र समेत अधिकारी मौजूद रहे।

परिजनों ने पुलिस पर लगाया परेशान करने का आरोप

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने उन पर बेवजह परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। परिजनों का कहना है कि पुलिस बिना किसी वजह के उन्हें परेशान कर रही है, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामा और तनाव की स्थिति बनी रही।

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