प्याज दाम की कीमतों ने देश के आम लोगों को काफी परेशान किया हुआ है. सरकार की ओर से कांदा एक्सप्रेस की शुरूआत की गई. जिसके बाद प्याज को देशभर में पहुंचाया गया. सरकारी सब्सिडी के तहत प्याज की कीमतों को 35 रुपए भी कर दिया गया. उसके बाद भी देश के बड़े शहरों में प्याज की रिटेल कीमत 50 से 60 रुपए के बीच बनी हुई हैं. कुछ इलाकों में ये आंकड़ा 60 से 70 रुपए के बीच बना हुआ है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर प्याज को लेकर किस तरह के आंकड़े सामने आए हैं.

सरकारी राहत के बाद भी कीमतें आसमान पर
सरकार द्वारा अपने बफर स्टॉक से 35 रुपए प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर प्याज बेचने के उपायों के बावजूद, मंगलवार को महानगरों के खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतें ऊंची बनी रहीं. बड़े शहरों में प्याज का खुदरा भाव 53 रुपए से 60 रुपए प्रति किलो के बीच बना हुआ है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, महानगरों में दिल्ली में प्याज 53 रुपये प्रति किलो, मुंबई में 58 रुपए प्रति किलो से थोड़ा कम, कोलकाता और चेन्नई में 60 रुपए प्रति किलो के भाव बिक रहा है. कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र के दखल के बावजूद प्याज की खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. 22 सितंबर को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 54.2 रुपए प्रति किलो थी. अधिकतम कीमत 100 रुपए प्रति किलो दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम कीमत 29 रुपए प्रति किलो थी.
देश के बड़े राज्ज्यों में कोई राहत नहीं
निजी व्यापार आंकड़ों से पता चला कि खुदरा कीमतें मंत्रालय के आंकड़ों की तुलना में काफी ज्यादा थीं. उदाहरण के लिए, दिल्ली में गुणवत्ता और इलाके के आधार पर प्याज 6070 रुपए प्रति किलो के दायरे में बिका, जबकि मंत्रालय ने राजधानी के लिए 53 रुपए प्रति किलो की दर बताई थी. कुछ इसी तरह के हाल मुंबई और कोलकाता में भी देखने को मिल रहे हैं. जहां प्याज की कीमतें 50 और 60 रुपए प्रति किलो से ज्यादा देखने को मिल रही हैं. मिनिस्ट्री कंज्यूमर अफेयर्स के अनुसार महाराष्ट्र में प्याज की औसत की कीमत 51.74 रुपए प्रति किलोग्राम देखने को मिली है. वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में कीमतें 55.77 रुपए प्रति किलोग्राम देखने को मिली. उत्तर प्रदेश में 61 रुपए और मणिपुर में 71 रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा दाम देखने को मिल रहे हैं.
सरकारी राहतों का कोई असर नहीं
सरकार दिल्ली और देश भर के 50 से ज्यादा अन्य शहरों में 35 रुपए प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर बफर स्टॉक बेचकर घरेलू आपूर्ति को बढ़ा रही है. केंद्र ने अपनी नोडल एजेंसियों एनसीसीएफ और नाफेड के जरिये 2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा हुआ है. कीमतें कम करने के लिए ये एजेंसियां स्टोर किए गए प्याज को बड़ी मात्रा में उत्पादक राज्यों से खपत वाले केंद्रों तक पहुंचा रही हैं. कुछ प्याज कांदा एक्सप्रेस से कुछ सड़क मार्ग से भेजा जा रहा है. इस योजना के तहत, चुनिंदा कीमतसंवेदनशील शहरों में प्याज 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर बेचा जा रहा है.



