आस्था और विश्वास का मंडप पल भर में मातम और खून की चीखों में तब्दील हो गया। घर के आंगन में जहां मंत्रोच्चार की गूंज और पूजा की घंटियां बज रही थीं, वहां गोलियों की तड़तड़ाहट ने तीन जिंदगियों को सदा के लिए खामोश कर दिया। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम वह खौफनाक मंज़र देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके की रूह कपा दी। एक सिरफिरे पति के शक और सनक की बलि चढ़ गई उसकी बेकसूर पत्नी और दो बुजुर्ग पुजारी। मासूम बच्चों के सामने उनकी मां और पुजारियों की तड़पकर हुई मौत का यह दर्दनाक मंज़र जिसने भी सुना, उसका कलेजा मुंह को आ गया। इसके बाद आरोपी ने अपने बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घर को घेर लिया है और आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम सूचना मिली कि अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति ने लाइसेंसी हथियार से अपनी पत्नी समेत तीन लोगों पर गोली चला दी।
उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी की पत्नी और दो अन्य लोगों की मौत हो गई है।’’ कुमार ने बताया कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार आरोपी अपने बच्चों के साथ एक कमरे में बंद है। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में कानूनव्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थानीय निवासी अरविंद सिंह मंगलवार शाम करीब छह बजे घर लौटा और उसने अपनी पत्नी बबीता सिंह को दो पुजारियोंमहेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठान करते देखा।
सूत्रों के अनुसार, धार्मिक कार्यक्रम देखकर अरविंद कथित रूप से गुस्से में आ गया और उसने पत्नी तथा दोनों पुजारियों के साथ गालीगलौज शुरू कर दी। पत्नी के विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद अरविंद ने कथित रूप से अपना लाइसेंसी हथियार निकाला और सबसे पहले पत्नी बबीता सिंह को गोली मारी। इसके बाद उसने दोनों पुजारियों को भी गोली मार दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद आरोपी घर के अंदर बंद हो गया। सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और घर को घेर लिया। पुलिस आरोपी को पकड़ने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास कर रही है।
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