
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बैंक से गोल्ड लोन लेने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कविनगर थाना क्षेत्र स्थित फेडरल बैंक की शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर करीब 1.46 करोड़ रुपये का लोन हासिल किए जाने का आरोप है। बैंक की जांच में करीब 20 अलगअलग खातों में इसी तरह नकली जेवरों के आधार पर लोन पास कराए जाने की बात सामने आई है।
सोने की जांच होते ही बैंक से भाग निकला आरोपी
मामला तब सामने आया जब दीपांशु बंसल नाम का व्यक्ति बैंक शाखा में सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने पहुंचा। बैंक अधिकारियों को जेवरों की शुद्धता को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद उनकी दोबारा जांच कराई जाने लगी।
जांच शुरू होते ही दीपांशु बंसल कथित तौर पर मौका देखकर बैंक से निकल गया। इसके बाद गिरवी रखे गए जेवरों की जांच कराई गई तो वे नकली पाए गए।
करीब 20 खातों में कराया गया लोन
घटना के बाद बैंक प्रबंधन ने पुराने गोल्ड लोन खातों का ऑडिट कराया। जांच में करीब 20 अलगअलग खातों में नकली सोने को असली बताकर कुल 1.46 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराए जाने की बात सामने आई।
बैंक की जांच में वैल्यूएशन एजेंसी ‘फोबोस गोल्ड’ के वैलुअर दीपक और ‘रूपीक फिनटेक’ के प्रतिनिधि की कथित मिलीभगत की बात भी सामने आई है।
18 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा
मामले में बैंक मैनेजर की तहरीर पर कविनगर पुलिस ने वैलुअर समेत 18 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली सोने के जरिए कितने खातों में लोन लिया गया तथा इस फर्जीवाड़े में और कौनकौन लोग शामिल थे।
ः



