
लखनऊ: मोहनलालगंज में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सई नदी में डूबे तीन युवकों की तलाश बुधवार को पूरी हुई। SDRF की टीम ने धीरज , हरिप्रसाद और प्रमोद के शव नदी से बरामद किए। प्रमोद की तलाश में करीब तीन किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जबरैला पुल के पास हुआ हादसा
घटना मोहनलालगंज के जबरैला पुल के पास मंगलवार शाम हुई। सिसेंडी गांव के लोग करीब पांच किलोमीटर दूर से गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए शाम करीब पांच बजे सई नदी के पास पहुंचे थे।
विसर्जन के दौरान 35 वर्षीय धीरज नदी की गहराई में चले गए और डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए 40 वर्षीय हरिप्रसाद भी पानी में उतर गए, लेकिन वह भी डूबने लगे। इसी दौरान 22 वर्षीय प्रमोद ने भी नदी में छलांग लगा दी। इसके बाद तीनों युवकों का कोई पता नहीं चला।
रातभर नदी में चला सर्च ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। इसके बाद SDRF की टीम नाव और फ्लड रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और तलाश शुरू की।
SDRF की दो टीमों ने पूरी रात सई नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। अंधेरा होने के बावजूद बचाव अभियान जारी रहा। बुधवार सुबह धीरज और हरिप्रसाद के शव बरामद होने के बाद प्रमोद की तलाश और तेज कर दी गई।
करीब तीन किलोमीटर के दायरे में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुबह करीब 11:45 बजे SDRF टीम ने प्रमोद का शव भी बरामद कर लिया।
6 स्थानीय गोताखोर भी तलाश में जुटे
SDRF के साथ छह स्थानीय गोताखोर भी नदी में तीनों युवकों की तलाश में जुटे रहे। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलने के करीब 40 मिनट बाद SDRF टीम मौके पर पहुंच गई थी।
सर्च ऑपरेशन में SI रितेश सचान समेत करीब 20 कॉन्स्टेबल शामिल रहे। टीम ने बोट, कांटा, लाइफ जैकेट और अन्य फ्लड रेस्क्यू उपकरणों की मदद से नदी में तलाश की। पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही।
एडीएम एफआर, एसडीएम आकाश सिंह और एसीपी आरके सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की।
दो परिवारों में गर्भवती पत्नियां, तीनों करते थे मजदूरी
हादसे के बाद तीनों परिवारों में मातम पसरा है। हरिप्रसाद की पत्नी श्यामावती गर्भवती हैं। उनके परिवार में 12 वर्षीय बेटा निहाल और 10 वर्षीय बेटी निहालिका हैं।
वहीं, धीरज की शादी करीब दो साल पहले अनिता से हुई थी। अनिता करीब तीन महीने की गर्भवती हैं। परिवार में धीरज की मां दीपा भी हैं।
प्रमोद हीरा खेड़ा का रहने वाला था, जो सिसेंडी गांव में ही आता है। तीनों युवक मजदूरी करके अपने परिवार का भरणपोषण करते थे।
परिजनों ने सर्च अभियान में देरी का लगाया आरोप
घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर सर्च अभियान में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया और कहा कि SDRF की टीम नदी की धारा की दिशा में लगातार तलाश कर रही है।
अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि SDRF की टीम अनुभवी है और सभी उपलब्ध लोग सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।
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