
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में इस बार डेयरी और मत्स्य क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर रहेगा। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले ट्रेड शो में दोनों क्षेत्रों को फोकस सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। आयोजन में प्रदेश के डेयरी क्षेत्र से जुड़े 14 प्रमुख स्टेकहोल्डर्स और मत्स्य क्षेत्र की आठ कंपनियां अपने उत्पाद, तकनीक और कारोबारी संभावनाएं खरीदारों व निवेशकों के सामने रखेंगी।
यूपीआईटीएस की आधिकारिक जानकारी में भी फिशरी, पशुपालन और डेयरी को प्रमुख फोकस सेक्टर में शामिल किया गया है। डेयरी और मत्स्य क्षेत्र ग्रामीण रोजगार, स्वरोजगार और आय के महत्वपूर्ण आधार हैं। ट्रेड शो में किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को घरेलू बी2बी, बी2सी और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने का प्रयास होगा।
इससे उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन में नए कारोबारी अवसर विकसित होने की संभावनाएं हैं। दुग्ध आयुक्त/महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के. ने कहा कि दोनों विभागों की तैयारियां पूरी हैं। आयोजन में दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, कंपनियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी से प्रदेश की इन गतिविधियों और कारोबारी संभावनाओं को व्यापक बाजार के सामने रखने का अवसर मिलेगा।



