
सुलतानपुर, अमृत विचार। अमेठी के गौरीगंज में आठ वर्ष पूर्व अगस्त क्रांति दिवस पर सड़क जाम कर धरनाप्रदर्शन करने के मामले में आरोपित कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल समेत 10 कांग्रेसियों के मुकदमे में बुधवार को विवेचक मुनेन्द्र पाल सिंह की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज की गई। विशेष कोर्ट एमपीएमएलए के न्यायाधीश शुभम वर्मा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने विवेचक से जिरह पूरी की।
विशेष लोक अभियोजक वैभव पाण्डेय ने बताया कि विवेचक की गवाही और जिरह की कार्यवाही पूरी होने के बाद अदालत ने शेष अभियोजन साक्षियों को तलब किया है। अभियोजन के अनुसार, नौ अगस्त 2017 को तत्कालीन कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र की अगुवाई में गौरीगंज जिला मुख्यालय पर अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर धरनाप्रदर्शन किया गया था।
आरोप है कि कांग्रेसियों ने जामो तिराहे पर सड़क जाम कर सरकार विरोधी नारेबाजी की, जिससे यातायात बाधित हुआ था। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजकुमार पांडेय की तहरीर पर 27 नामजद और 100 अज्ञात कांग्रेसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत 11 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इनमें तत्कालीन जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र की मृत्यु हो चुकी है।

