उत्तर प्रदेश के जौनपुर पुलिस का एक ऐसी करतूत सामने आई है, जिससे पूरे महकमे की किरकिरी हो रही है. यहां की पुलिस ने खुद क्राइम ब्रांच से बताकर जौनपुर और बनारस से दो लोगों को उठाया, फिर थाने में टॉर्चर करते हुए उनके फोन से दो लाख 12 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए. शिकायत मिलने पर एडीजी वाराणसी ने मामले की जांच कराई. आरोपों की पुष्टि होने के बाद कई नामजद समेत अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ जलालपुर और सुरेरी थाने में अलग अलग अलग एफआईआर दर्ज कराई गई है.

जानकारी के मुताबिक जौनपुर के विजय राजभर और वाराणसी के सुशील पांडे को जौनपुर की सुरेरी थाना पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में लिया था. दोनों को सुरेरी थाने में लाकर बुरी तरह टॉर्चर किया गया. यहां इनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए और फिर इनके फोन छीनकर पुलिसकर्मियों ने अपने खाते में 2 लाख 12 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए. एडीजी वाराणसी के निर्देश पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए. इसके बाद सुरेरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिव्य प्रकाश सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. वह अभी फरार हैं.
हैरान कर देगा लूट का तरीका
जानकारी के मुताबिक जलालपुर थाना क्षेत्र के रामपुर सोइरी निवासी पीड़ित विजय राजभर अपनी दुकान पर था. पुलिस ने उसे वहीं से उठाया और सुरेरी थाने के किचन में बंद कर दिया. विजय का आरोप है कि 15 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ लोग खुद को क्राइम ब्रांच से बताते हुए उसकी दुकान पर आए थे. इन लोगों ने जबरन उसे उठाकर सुरेरी थाने पहुंचा दिया, जहां उसे किचन में रखा गया. फिर छोड़ने के लिए 3 लाख रुपयों की मांग की गई. ना देने पर झूठे केस में फंसाकर एनकाउंटर की धमकी दी गई.
ऑनलाइन ट्रांसफर कराए पैसे
विजय ने बताया कि उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई. उसका फोन छीन लिया गया और फोनपे ऐप का पासवर्ड पूछकर खाते से कई ट्रांजेक्शन किए गए. इसके बाद उसके घर फोन कर ATM कार्ड मंगावया और दो बार में एक लाख रुपये निकाल लिए गए. पीड़ित के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने उसके खाते से किसी अंशिका गिरी के खाते में 25 हजार रुपये, मनीष पटेल के खाते में 25 हजार रुपये, सारस्वत के खाते में 25 हजार रुपये, अनूप चौहान के खाते में 25 हजार रुपये और आकाश सिंह के खाते में 2525 हजार दो बार भेजे. इस प्रकार कुल 2 लाख 12 हजार की लूट की गई.
सुशील पांडेय के साथ भी हुई लूट
ठीक इसी प्रकार पुलिस ने वाराणसी के सुशील पांडेय के साथ भी लूट को अंजाम दिया है. उन्हें 13 सितंबर को उठाया गया और सुरेरी थाने में लाकर मारपीट करते हुए अलग अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए. सुशील का आरोप है कि उनके हाथ में तमंचा देकर पुलिस ने वीडियो बनाया और सादे कागज पर सिग्नेचर कराया था. वहीं इस बात की चर्चा किसी से करने पर एनकाउंटर की धमकी दी थी. मामला सामने आने के बाद गठित पुलिस की स्पेशल टीम ने दोनों घटनास्थल से लेकर सुरेरी थाने के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है.
एफआईआर दर्ज होते मचा हड़कंप
आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उनके ही थाने सुरेरी में मुकदमा दर्ज होते ही हड़कंप मच गया. एफआईआर के अगले दिन वर्ष 2025 बैच के पुलिसकर्मी अभिषेक सिंह ने थाने में सुसाइड कर ली. इसके बाद से ही थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह फरार हैं. इस मामले में एसएसपी जौनपुर ने दिव्य प्रकाश सिंह को सस्पेंड करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह के मुताबिक सुरेरी के थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह अभी फरार हैं. उन्हें सस्पेंड करते हुए मामले की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता को दी गई है.


