
रायबरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे से पहले जिले की सियासत में पोस्टर वार शुरू हो गया है। गुरुवार को प्रस्तावित अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा और कार्यक्रम को लेकर जहां सपा समर्थकों की ओर से स्वागत की तैयारियां कर ली गई है। बछरावा से लेकर शहर तक बैनर पोस्टर से पट गए हैं।
वहीं दूसरी ओर उनके विरोध में भी पोस्टर लगाए गए हैं। कई स्थानों पर लगे पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें लगाकर तीखे राजनीतिक संदेश दिए गए हैं। पोस्टरों पर ‘आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार’ जैसे नारे लिखे गए हैं।
इसके साथ ही जिले के कई हिस्सों में ‘अखिलेश यादव वापस जाओ’ लिखे पोस्टर भी नजर आए। बछरावां कस्बे और प्रमुख स्थानों पर लगे इन पोस्टरों को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ पोस्टरों में हरिओम चतुर्वेदी का नाम सामने आ रहा है, इन्हें भाजपा से जुड़ा होना बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इनके द्वारा पोस्ट डालकर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। इसको लेकर पुलिस महकमा सतर्क है।
रायबरेली से शुरू होगा अखिलेश का कार्यक्रम
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रायबरेली से अपनी पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुवात जिले के बॉर्डर बछरावां से होगी। यहां से सीधे शहर स्थित हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर जायेंगें। वहां पर चाय पर चर्चा करते हुए बीते दिनों स्थानीय प्रशासन द्वारा अपनाए गए रवैये को जानेगे। इसके बाद जीआईसी मैदान में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, जहां पपर सभा का कार्यक्रम भी बताया गया है।
अखिलेश यादव का यह दौरा पिछले दिनों रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में छात्र सभा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी प्रकरण को लेकर सपा नेताओं ने पुलिसप्रशासन पर सवाल उठाए थे। अखिलेश यादव ने राहुल लोधी के आवास पहुंचकर मामले से जुड़े लोगों से मुलाकात का कार्यक्रम बनाया है।
पोस्टरबाजी से बढ़ा राजनीतिक तापमान
अखिलेश के दौरे से ठीक पहले शुरू हुई पोस्टरबाजी ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। एक ओर सपा कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं, तो दूसरी ओर विरोधी पोस्टरों के जरिए सपा सरकार के पुराने कार्यकाल और उसके दौरान चर्चा में रहे नेताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में गुरुवार का अखिलेश यादव का दौरा और उसके दौरान होने वाली गतिविधियां जिले की सियासत के लिहाज से खासा चर्चा में हैं।



