
लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही बस में भीषण आग लगने से एक महिला समेत 9 यात्रियों की मौत हो गई। मामले में यूपी के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हादसा बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस दिल्ली से महोबा जा रही थी और उसके पास नेशनल परमिट था। बस बिहार में पंजीकृत थी, जबकि उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा में बना था। बस का मालिक कानपुर का रहने वाला बताया गया है।
ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त
परिवहन मंत्री के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बस में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। यात्रियों ने बस में आग जैसी गंध आने की जानकारी दी थी, लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मंत्री ने कहा कि इमरजेंसी गेट नहीं खुलने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने में परेशानी हुई और कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने बताया कि ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
PM मोदी ने जताया दुख, PMNRF से मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा बस हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। PMNRF से मृतकों के परिवारों को दोदो लाख रुपये और घायलों को 5050 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
CM योगी ने भी किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दोदो लाख रुपये और घायलों को 5050 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों और बस में आग लगने की परिस्थितियों को लेकर जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।


