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कभी घर-घर पिज्जा पहुंचाता था, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत और हौसले से बदल गई भारतीय युवक की जिंदगी.

कभी घर-घर पिज्जा पहुंचाता था, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत और हौसले से बदल गई भारतीय युवक की जिंदगी.

कहते हैं कि काम छोटा या बड़ा नहीं होता, असली मायने मेहनत और उस काम को आगे बढ़ाने के जुनून के होते हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक भारतीय युवक की कहानी भी इसी सोच को साबित करती है। कभी वह लोगों के घरों तक पिज्जा पहुंचाकर अपना खर्च चलाता था, लेकिन आज वही युवक तीन रेस्टोरेंट का मालिक है।

उसकी कहानी सोशल मीडिया पर उसके बहनोई विनीत ने शेयर की, जिसके बाद यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, पोस्ट में युवक का नाम और उसके रेस्टोरेंट की पूरी जानकारी साझा नहीं की गई है।

पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गया था युवक

सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, करीब 11 साल पहले यह भारतीय युवक पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे अपनी पसंद के मुताबिक नौकरी नहीं मिल सकी।

ऐसे हालात में उसने परेशान होकर हार मानने के बजाय कोई भी ईमानदार काम करने का फैसला किया। अपने रोजमर्रा के खर्च और जरूरतें पूरी करने के लिए उसने एक पिज्जा शॉप में फुल-टाइम नौकरी शुरू कर दी।

उसका काम लोगों के घरों तक पिज्जा पहुंचाना था। शुरुआत भले ही डिलीवरी बॉय के तौर पर हुई, लेकिन उसने इस काम को कभी छोटा नहीं समझा। वह लगातार मेहनत करता रहा और इसी दौरान उसने कारोबार को करीब से समझना भी शुरू किया।

3 साल बाद कर्मचारी से कारोबारी बनने का फैसला

करीब तीन साल तक पिज्जा शॉप में काम करने के बाद युवक ने कुछ पैसे बचाए। इसके बाद उसके मन में नौकरी करने के बजाय इसी कारोबार में आगे बढ़ने का विचार आया।

उसने अपनी बचत और एक पार्टनर की मदद से उसी पिज्जा फ्रेंचाइजी में निवेश किया, जहां वह कभी कर्मचारी के तौर पर काम करता था।

यानी जिस दुकान में वह कभी पिज्जा डिलीवर करता था, उसी कारोबार में उसने अपना पैसा लगाकर मालिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाया।

कोरोना के बाद कारोबार ने पकड़ी रफ्तार

जानकारी के मुताबिक, शुरुआत के बाद धीरे-धीरे उसका कारोबार बढ़ने लगा। कोविड-19 महामारी के बाद उसके बिजनेस में तेजी आई और उसने दो और फ्रेंचाइजी खरीद लीं।

इस तरह कुछ वर्षों के भीतर पिज्जा की डिलीवरी करने वाला वही युवक तीन रेस्टोरेंट का मालिक बन गया। उसकी कामयाबी का सफर यहीं नहीं रुका और आर्थिक स्थिति में भी बड़ा बदलाव आया।

ऑस्ट्रेलिया में घर, BMW और हैदराबाद में भी मकान

आज उसके पास ऑस्ट्रेलिया में अपना घर है और वह BMW जैसी लग्जरी कार का मालिक है। इसके अलावा उसने हैदराबाद में भी अपना आलीशान घर बनाया है।

सफलता मिलने के बाद उसने अपने माता-पिता को भी अपने साथ ऑस्ट्रेलिया बुला लिया। अब उसे और उसके परिवार को ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता भी मिल चुकी है।

छोटी शुरुआत को कभी नहीं समझा कम

इस कहानी की खास बात यह है कि युवक ने अपने शुरुआती काम को छोटा नहीं समझा। पिज्जा डिलीवरी से शुरू हुआ उसका सफर धीरे-धीरे फ्रेंचाइजी में निवेश और फिर कई रेस्टोरेंट के मालिक बनने तक पहुंच गया।

उसकी कहानी में यह भी दिखता है कि किसी नए देश में पढ़ाई और नौकरी की चुनौतियों के बीच उसने उपलब्ध मौके का इस्तेमाल किया और उसी क्षेत्र में अपना कारोबार खड़ा किया।

हालांकि, यह पूरी कहानी सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी पर आधारित है और इसमें युवक का नाम तथा रेस्टोरेंट की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इससे जुड़े व्यक्तिगत और कारोबारी दावों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

फिर भी, एक डिलीवरी कर्मचारी से तीन रेस्टोरेंट के मालिक बनने तक का यह सफर मेहनत, धैर्य और कारोबारी सोच की दिलचस्प कहानी जरूर पेश करता है।

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