IndiaRajasthanTrending

‘इस गांव में त्योहार पर इंसानों की तरह सजाए जाते हैं गधे, अनोखा रूप देख लोग पुकारते हैं ‘दुल्हन’!

‘इस गांव में त्योहार पर इंसानों की तरह सजाए जाते हैं गधे, अनोखा रूप देख लोग पुकारते हैं ‘दुल्हन’!

Unknown Facts : भारत में त्योहारों से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं हैं, जिनके बारे में जानकर लोग हैरान रह जाते हैं. ऐसी ही एक अनोखी परंपरा राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में देखने को मिलती है. यहां दीपावली के अगले दिन यानी गोवर्धन पूजा के मौके पर गधों को खास तरीके से सजाया जाता है और उनके सम्मान में अनोखा उत्सव मनाया जाता है.

इस दिन गधे आम दिनों से बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आते हैं. उन्हें रंग-बिरंगे कपड़ों, फूलों और सजावटी सामान से सजाया जाता है. कई बार उनका श्रृंगार इस तरह किया जाता है कि वे किसी दुल्हन की तरह सजे हुए दिखाई देते हैं.

सजावट के लिए जुटते हैं लोग

गोवर्धन पूजा के दिन मांडल में इस परंपरा को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिलता है. परिवार अपने गधों को नहलाकर तैयार करते हैं और फिर उनके शरीर पर रंग-बिरंगे कपड़े और सजावटी सामान लगाए जाते हैं.

गधों को सजाने के बाद उन्हें देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंचते हैं. बच्चों के लिए तो यह नजारा खास आकर्षण का केंद्र बन जाता है. रंग-बिरंगी सजावट के बीच सजे हुए गधों को देखकर हर किसी का ध्यान उनकी ओर चला जाता है.

क्यों खास है यह परंपरा?

स्थानीय परंपरा में गधों को मेहनत और रोजमर्रा के काम से जोड़कर देखा जाता रहा है. ग्रामीण जीवन में ये जानवर लंबे समय से सामान ढोने और कई तरह के कामों में लोगों की मदद करते आए हैं. ऐसे में त्योहार के मौके पर उन्हें सजाना उनके प्रति सम्मान और आभार जताने की एक लोक परंपरा के रूप में देखा जाता है.

इस उत्सव में मनोरंजन के साथ-साथ ग्रामीण जीवन और पशुओं के बीच पुराने रिश्ते की झलक भी दिखाई देती है. यही वजह है कि यह परंपरा आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है.  सोशल मीडिया के दौर में ऐसी स्थानीय परंपराएं लोगों का ध्यान तेजी से खींचती हैं. मांडल की यह परंपरा भी अपनी अनोखी तस्वीरों और वीडियो के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बनती है.

लोक परंपरा और पशुओं के प्रति सम्मान

मांडल का यह आयोजन सिर्फ एक अनोखा उत्सव नहीं, बल्कि राजस्थान की लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक भी दिखाता है. अलग-अलग क्षेत्रों में त्योहार मनाने के अपने खास तरीके होते हैं और ऐसी परंपराएं पीढ़ियों से चली आ रही स्थानीय संस्कृति को जीवित रखती हैं.

गोवर्धन पूजा के दिन गधों को सजाने की यह परंपरा इसी अनोखी लोक विरासत का हिस्सा है, जहां त्योहार की खुशी के बीच उन जानवरों को भी खास जगह दी जाती है, जो इंसानों के रोजमर्रा के जीवन में लंबे समय से उनका साथ देते आए हैं. यह खबर भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध वायरल जानकारी पर आधारित है. न्यूज18 इस वीडियो से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply