
झारखंड के रांची जिले के ओरमांझी इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शराब की दुकान में अचानक एक बंदरिया घुस गई। देखते ही देखते उसने दुकान में रखी शराब की एक क्वार्टर बोतल उठा ली और उसमें मौजूद पूरी शराब पी गई। इसके बाद नशे के असर से वह कुछ देर के लिए दुकान के फर्श पर बेसुध होकर पड़ी रही।
घटना शुक्रवार शाम करीब 7 बजे ओरमांझी के ब्लॉक चौक स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की बताई जा रही है। उस समय दुकान पर सामान्य रूप से बिक्री चल रही थी। इसी दौरान बंदरिया अचानक काउंटर के अंदर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि बंदरिया गर्भवती थी।
पूरी बोतल पीकर फर्श पर लेट गई बंदरिया
दुकान में मौजूद कर्मचारियों ने पहले बंदरिया को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उसकी नजर शराब की बोतलों पर पड़ गई। उसने एक क्वार्टर बोतल उठा ली और देखते ही देखते उसे पूरा खत्म कर दिया।
शराब पीने के कुछ समय बाद बंदरिया के व्यवहार में बदलाव नजर आने लगा। नशे का असर बढ़ने पर वह दुकान के फर्श पर लेट गई और कुछ देर के लिए बेसुध जैसी स्थिति में पहुंच गई।
दुकान के कर्मचारी भी उसके करीब जाने से बचते रहे। उन्हें डर था कि अचानक बंदरिया हमला कर सकती है। इस बीच दुकान के बाहर भी लोगों की भीड़ जुटने लगी और यह अजीब घटना आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
उठते ही शुरू कर दिया जमकर हंगामा
कुछ समय बाद बंदरिया दोबारा उठी तो उसकी हरकतें और भी उग्र हो गईं। उसने दुकान के अंदर रखी शराब की बोतलों और दूसरे सामान को गिराना शुरू कर दिया। इससे दुकान में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
कर्मचारियों ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन बंदरिया आक्रामक हो गई। इसी दौरान उसने दुकान के एक कर्मचारी को काट लिया, जिससे वह घायल हो गया।
स्थिति बिगड़ने के बाद कर्मचारियों ने उससे दूरी बनाई और पुलिस को सूचना दी। साथ ही बंदरिया को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए बिरसा जैविक उद्यान की रेस्क्यू टीम से संपर्क किया गया।
रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित पकड़ा
सूचना मिलने के बाद बिरसा जैविक उद्यान की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद सावधानी से बंदरिया को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की।
नशे की हालत में उसके व्यवहार का अनुमान लगाना मुश्किल था, इसलिए रेस्क्यू टीम ने काफी सतर्कता बरती। काफी मशक्कत के बाद बंदरिया को सुरक्षित तरीके से जाल में पकड़ लिया गया।
इसके बाद उसे बिरसा जैविक उद्यान ले जाया गया, जहां उसकी देखभाल और जरूरी उपचार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इलाके में बनी चर्चा का विषय
शराब की दुकान में बंदरिया के घुसने, पूरी क्वार्टर बोतल पीने और उसके बाद दुकान में हंगामा करने की घटना से ओरमांझी इलाके में काफी चर्चा रही।
वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद के बिना ऐसे जानवरों को खुद पकड़ने या उनके करीब जाने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में पुलिस या वन्यजीव रेस्क्यू टीम को सूचना देना ही सुरक्षित तरीका है।



