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​Delhi PG News: दिल्ली के 2,453 PG में सिर्फ 730 के मंजूर नक्शे मिले, 1,723 का रिकॉर्ड नहीं हुआ ट्रेस, MCD की जांच जारी

: दिल्ली में पेइंग गेस्ट व्यवस्था को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है। दिल्ली नगर निगम दिल्ली नगर निगम ने राजधानी के 12 जोन में 2,453 PG इमारतों की जांच की है। इन इमारतों में 32,247 कमरे हैं और करीब 50,529 लोगों के रहने का अनुमान है। जांच में 730 इमारतों के मंजूर नक्शे उपलब्ध या सत्यापित मिले, जबकि 1,723 इमारतों के नक्शे फिलहाल ट्रेस नहीं हो सके हैं।

​Delhi PG News: दिल्ली के 2,453 PG में सिर्फ 730 के मंजूर नक्शे मिले, 1,723 का रिकॉर्ड नहीं हुआ ट्रेस, MCD की जांच जारी

सिर्फ 512 PG मिले मास्टर प्लान के मुताबिक

दिल्ली पीजी खबर के मुताबिक ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि जांच की गई 2,453 PG इमारतों में सिर्फ 512 PG ही मास्टर प्लान 2021 के मुताबिक संचालित पाए गए। हालांकि 1,723 PG के नक्शे नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी इमारतें अवैध हैं। इनके रिकॉर्ड की जांच अभी जारी है। इसलिए फिलहाल इन सभी इमारतों को अवैध कहना सही नहीं होगा।

4 इमारतें मिलीं खतरनाक

रिपोर्ट में पीजी सुरक्षा को लेकर भी कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। MCD के सर्वे में 2,342 PG इमारतें देखने में सुरक्षित पाई गईं। वहीं 91 इमारतों में मामूली मरम्मत और 30 में बड़ी मरम्मत की जरूरत बताई गई। सर्वे के दौरान 4 इमारतों को खतरनाक स्थिति में पाया गया। इसके अलावा कई इमारतों को मंजिलों की संख्या और संभावित सुरक्षा जोखिम के आधार पर भी चिन्हित किया गया है।

सत्या निकेतन हादसे के बाद बढ़ी कार्रवाई

दिल्ली पीजी खबर का यह मामला 6 सितंबर के सत्या निकेतन हादसे के बाद सामने आया है। PG इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद MCD ने कार्रवाई तेज की। 6 से 23 सितंबर के बीच 543 संपत्तियां ध्वस्त की गईं, 178 को सील किया गया और 354 अनधिकृत निर्माण को लेकर शोकॉज नोटिस जारी किए गए। हालांकि हाई कोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि ये आंकड़े केवल PG के खिलाफ हुई कार्रवाई के नहीं हैं।

1,723 PG की वैधता पर जांच जारी

दिल्ली पीजी खबर के अनुसार दिल्ली के  मास्टर प्लान 2021 में कुछ शर्तों के साथ आवासीय क्षेत्रों में PG और हॉस्टल चलाने की अनुमति है। इसके लिए जमीन के इस्तेमाल, मंजूर बिल्डिंग प्लान, भवन सुरक्षा और बिल्डिंग बायलॉज का पालन जरूरी है। अब MCD की जांच का बड़ा सवाल 1,723 PG के रिकॉर्ड को लेकर है। इनमें कितने वैध हैं और कितनों में नियमों का उल्लंघन मिला, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल MCD की परिसरवार जांच जारी है।

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