
प्रतापगढ़, अमृत विचार: पट्टी कोतवाली परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई युवक की मौत के मामले में भारतीय जनता पार्टी के अंदर ही सुर बदलने लगे हैं। वरिष्ठ नेताओं की साधी चुप्पी के बीच पार्टी के जिला प्रवक्ता राघवेंद्र नाथ शुक्ल ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और पुलिसप्रशासनिक रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
पीड़ित परिवार के पलायन पर जताई चिंता
भाजपा जिला प्रवक्ता राघवेंद्र नाथ शुक्ल ने पीड़िता किशोरी को परेशान किए जाने की शिकायत दर्ज कराने वाले पिता पर ही एससीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने पर गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस कार्रवाई के चलते पीड़ित परिवार के गांव से पलायन करने की स्थिति पर बेहद चिंता व्यक्त की है।
सोशल मीडिया पर उठाए तीखे सवाल
राघवेंद्र नाथ शुक्ल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा, “क्या किसी व्यक्ति को अनुसूचित जाति के खिलाफ न्यायसंगत शिकायत करने का अधिकार भी नहीं बचा है?” उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कानून का प्रयोग पूरी तरह निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए, न कि किसी पूर्वाग्रह या दबाव में।
‘बेटी बचाओ’ के नारे और जमीनी हकीकत पर घेरा
प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश देती है, वहीं दूसरी ओर बेटी की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने वाले पिता पर ही कार्रवाई हो जाना पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की पुरजोर मांग
भाजपा प्रवक्ता ने जिला व पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वास्तविक तथ्य जनता के सामने लाने और पीड़ित परिवार को तत्काल कड़ी सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
पारदर्शिता और संवाद बनाए रखने की जरूरत
सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को पीड़ित परिवार से मिलने से रोके जाने पर भी प्रवक्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिसप्रशासन को इस संवेदनशील मामले में लीपापोती करने के बजाय पारदर्शिता बरतनी चाहिए और सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना चाहिए।


