सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी CCPA ने Amazon और Flipkart पर 1010 लाख रुपए और JioMart पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना उनके प्लेटफॉर्म पर ‘Cyclosinone Herbicide’ नाम के एक बिना रजिस्ट्रेशन वाले एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट को बेचने और उसका विज्ञापन करने के लिए लगाया गया है.

22 सितंबर के एक अलग आदेश में, कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेटर ने तीनों ईकॉमर्स कंपनियों को इस प्रोडक्ट की सेल और विज्ञापन तुरंत बंद करने का निर्देश दिया. रेगुलेटर ने पाया कि इस प्रोडक्ट की मार्केटिंग इसके एक्टिव इंग्रीडिएंट के केमिकल नाम या इसके कंपोजिशन का खुलासा किए बिना की जा रही थी.
CCPA ने प्लेटफॉर्म्स को ऐसे प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग रोकने के लिए सेल्फऑडिट करने का भी निर्देश दिया जो मौजूदा कानूनों का उल्लंघन करते हैं या कंज्यूमर की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं. साथ ही, उन्हें आदेश के 15 दिनों के भीतर कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करने को कहा.
कैसे शुरू हुई जांच
यह जांच तब शुरू हुई जब CCPA को केंद्रीय कृषि मंत्रालय से एक शिकायत मिली, जिसे मूल रूप से Crop Care Federation of India ने दर्ज कराया था. जांच के दौरान, कृषि मंत्रालय ने CCPA को बताया कि Insecticides Act, 1968 की अनुसूची में “Cyclosinone” नाम का कोई केमिकल लिस्टेड नहीं है. इसका मतलब है कि प्रोडक्ट की सेल और मार्केटिंग में कानून के तहत जरूरी सेफ्टी, बायोएफिकेसी , क्वालिटी और कानूनी जांच को नजरअंदाज किया गया. CCPA ने पाया कि मार्केटप्लेस ने लिस्टिंग को लाइव करने से पहले प्रोडक्ट के रेगुलेटरी स्टेटस की पर्याप्त स्वतंत्र जांच नहीं की थी.
Amazon के खिलाफ अपने आदेश में क्या कहा?
Amazon के खिलाफ अपने आदेश में, रेगुलेटर ने 38,410 ऑर्डर का हवाला दिया. यह इस बात का सबूत था कि कितने कंज्यूमर इससे प्रभावित हुए और खरीदारों के बीच कैसी भ्रामक धारणा बनी. प्लेटफॉर्म्स के इस बचाव को खारिज करते हुए कि नियमों के पालन की जिम्मेदारी कॉन्ट्रैक्ट के तहत अलगअलग सेलर्स की थी, CCPA ने कहा कि मार्केटप्लेस और उसके सेलर्स के बीच कोई निजी समझौता संसद द्वारा लगाई गई कानूनी जिम्मेदारियों या कंज्यूमर्स की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता.
इस नियम का दिया हवाला
उसने कहा कि सेलर से अंडरटेकिंग लेने की जरूरत ही यह दिखाती है कि मार्केटप्लेस पर खुद नियमों के पालन की जिम्मेदारी है, और सिर्फ सेलर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों की ओर इशारा करना काफी नहीं है. रेगुलेटर ने ईकॉमर्स नियमों के नियम 4 का भी इस्तेमाल किया, जो ईकॉमर्स कंपनियों को कारोबार के दौरान गलत व्यापारिक तरीके अपनाने से रोकता है.
CCPA ने कहा कि सेलर अपने प्रोडक्ट को लिस्ट करने के लिए गलत या अधूरी जानकारी दे सकते हैं. इसलिए, सिर्फ खुद से दी गई जानकारी पर भरोसा करना काफी नहीं है. यह दूसरी पार्टी की सेलर ऑनबोर्डिंग प्रोसेस, प्रोडक्ट की जांच और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में भारी लापरवाही और कमियों को दिखाता है.
रेगुलेटर ने साफ किया कि वह प्रोडक्ट के निर्माण, बनावट या वैज्ञानिक गुणों के मामले में अधिकार क्षेत्र का दावा नहीं कर रहा है ये मामले दूसरे अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. उसने कहा कि उसका आदेश ईकॉमर्स कंपनियों के व्यवहार की जांच तक ही सीमित था, जिसमें कंज्यूमा राइट्स का उल्लंघन, गुमराह करने वाले विज्ञापन और गलत व्यापारिक तरीके शामिल हैं ये सभी मामले उसके कानूनी अधिकार क्षेत्र में आते हैं.



