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​घाटों से लेकर विश्वनाथ धाम तक… 2014 से 2026 तक काशी में पर्यटन का कितना विस्तार? पूरी कहानी

Varanasi Tourism: गंगा के अर्धचन्द्राकार घाट, मंदिरों की घंटियां, संकरी गलियों की अपनीअलग पहचान और सदियों पुरानी परंपराएं काशी को दुनिया के दूसरे शहरों से अलग बनाती हैं. यही वजह है कि देशदुनिया के लोगों के लिए काशी हमेशा से आस्था और आकर्षण का केंद्र रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने समय के साथ यहां सुविधाओं का विस्तार किया.

​घाटों से लेकर विश्वनाथ धाम तक… 2014 से 2026 तक काशी में पर्यटन का कितना विस्तार? पूरी कहानी

प्राचीन विरासत को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार ने काशी को देशविदेश के पर्यटकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य बनाया है. यही वजह है कि यहां पर्यटकों की संख्या सालदर साल बढ़ती जा रही है. पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक 52 करोड़, 71 लाख 41 हजार 814 भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया.

काशी की बदलती तस्वीर

इनमें 52 करोड़ 40 लाख 46 हजार 803 भारतीय और 30 लाख 95 हजार 11 विदेशी पर्यटक शामिल हैं. आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में जितने पर्यटक काशी आए, वर्ष 2016 के जुलाई माह तक ही उससे 4 करोड़ 10 लाख 70 हजार 422 अधिक लोग आए. पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या काशी की बदलती तस्वीर को दर्शाती है, जिसका सीधा असर काशी की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है.

अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार

पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालन, फूलमाला, पूजा सामग्री , टैक्सीऑटो, टूर एवं ट्रैवल सेवाओं के साथसाथ स्थानीय बाजारों और हस्तशिल्प उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है.इससे पर्यटन से जुड़े छोटे कारोबारियों, दुकानदारों, नाविकों, गाइडों, कारीगरों और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर बने हैं. इस तरह पर्यटन अब केवल धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि काशी की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हो रहा है.

सुव्यवस्थित विकास के साथ बढ़ा काशी का आकर्षण

वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के गठन के बाद काशी में विकास और पर्यटन को नई गति मिली. सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार, बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं, स्वच्छता, घाटों के विकास और प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण से काशी का पर्यटन अनुभव लगातार समृद्ध हुआ है. पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन अवसंरचना तथा कानूनव्यवस्था को मजबूत किया गया. वहीं नए पर्यटन अनुभवों का भी विस्तार हुआ.

काशी विश्वनाथ धाम के विकास से मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ीं, घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफसफाई, सारनाथ के विकास और गंगा में रिवर क्रूज जैसी गतिविधियों ने पर्यटन के दायरे को और व्यापक किया. आज काशी में धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के साथ आधुनिक सुविधाओं का संगम दिखाई देता है. सदियों पुरानी परंपराएं नए कलेवर में पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं.

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने क्या कहा?

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर काशी की यह बदलती तस्वीर बताती है कि विरासत को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है. पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि “हमारा प्रयास है कि काशी की सदियों पुरानी परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को आधुनिक पर्यटन से जोड़ा जाए, ताकि दुनिया भर के पर्यटक यहां आकर केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि काशी की संस्कृति, विरासत और जीवन शैली का भी अनुभव लेकर लौटें.”

वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक वाराणसी में पर्यटकों की संख्या

वर्षभारतीय पर्यटकविदेशी पर्यटककुल पर्यटक
201452,02,2362,87,76154,89,997
201554,13,9273,02,37057,16,297
201656,00,1463,12,51959,12,665
201759,47,35534,86062,82,215
201860,95,8903,49,27064,45,160
201964,47,7753,50,00067,97,775
20208,76,3031,06,1899,82,492
202130,75,9132,56630,78,479
20227,11,47,31083,7417,12,31,051
20238,52,71,7292,01,9048,54,73,633
202410,97,87,8113,09,93211,00,97,743
202517,27,52,5303,21,35817,30,73,888
2026 जुलाई तक4,64,27,8781,32,5414,65,60,419

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