
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जिलों में जलभराव, मकानों के क्षतिग्रस्त होने और फसलों को नुकसान की स्थिति सामने आई है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत और सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि अतिवृष्टि के कारण हुई जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार तत्काल मुआवजा दिया जाए। बारिश से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने को कहा गया है।
63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक वर्षा हुई। राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 125.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के साथ तेज हवाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधीतूफान के कारण 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
लखनऊ में मकान की दीवार गिरी, तीन लोग सुरक्षित
लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के चैना गांव में शुक्रवार देर रात करीब 1:10 बजे भारी बारिश के कारण मिट्टी के एक मकान की दीवार गिर गई। मलबे में सुरेश , उनकी करीब 20 वर्षीय बेटी सलोनी और पुत्र रजनीश दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें इलाज के लिए मलिहाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
कन्नौज में 20 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त
कन्नौज में लगातार बारिश के कारण करीब 20 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह के अनुसार, जिले में बारिश के कारण किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।
वहीं उन्नाव में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के कारण गंगा एक्सप्रेसवे पर भी जलभराव हो गया। सोनिक क्षेत्र के बशीरतगंज टोल प्लाजा के पास करीब तीन फुट पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पानी निकालने के लिए पंपसेट लगाए जा रहे हैं।
अयोध्या में भी बारिश का असर
बारिश और तेज हवाओं का असर अयोध्या में भी दिखाई दिया। राम पथ, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई। ग्रामीण इलाकों में तेज हवा और बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है।
सीमावर्ती जिलों में बढ़ी निगरानी
नेपाल में हो रही भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में जाकर स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रभावित क्षेत्रों में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग करने तथा प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद स्थापित करने को कहा गया है।
राहत कार्यों में लापरवाही पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को तत्काल सुना जाए और उपलब्ध संसाधनों से उनका समाधान किया जाए। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता जल्द उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया है। रविवार को भी कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरपूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना दबाव क्षेत्र दक्षिणपूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले समय में भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।



