
प्रतापगढ़, अमृत विचार : जेठवारा थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेम प्रसंग से नाराज परिजनों ने जीवित बेटी से नाता तोड़ते हुए उसकी प्रतीकात्मक ‘शव यात्रा’ निकाली और पुतले का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन अब रीतिरिवाज के साथ उसकी तेरहवीं की तैयारी कर रहे हैं। क्षेत्र में यह घटना कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव की एक युवती का गांव के ही दूसरी बिरादरी के युवक से काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी भनक उसके परिजनों को नहीं थी। बीते दिनों युवती अचानक लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका में पुलिस से शिकायत कर युवती की बरामदगी की गुहार लगाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और युवती को गांव के ही प्रेमी युवक के साथ सकुशल बरामद कर लिया। थाने में जब दोनों पक्षों को आमनेसामने बिठाया गया, तो युवती ने बेबाकी से अपने दिल की बात परिजनों और पुलिस के सामने रखी। युवती ने साफ कहा कि वह युवक से प्यार करती है और अपनी पूरी जिंदगी उसी के साथ बिताएगी। बेटी का यह फैसला सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। दूसरी बिरादरी में शादी और समाज में लोकलाज के डर से आहत परिजनों ने थाने में ही उससे सारे रिश्ते तोड़ने का ऐलान कर दिया।
परिजनों ने कहा कि आज से उनके लिए बेटी मर चुकी है और वह हमेशा के लिए उनसे दूर चली जाए। इसके बाद परिजन गांव लौटे और युवती का पुतला बनाकर उसकी बाकायदा शव यात्रा निकाली। अर्थी पर युवती की तस्वीर रखकर पूरे विधिविधान से उसका अंतिम संस्कार किया गया। रविवार शाम तक पुतले के दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। परिजनों का कहना है कि अब वे पारंपरिक रीतिरिवाजों के अनुसार श्राद्ध कर्म करेंगे और 13वें दिन तेरहवीं का कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे। जीवित रहते हुए बेटी का पुतला जलाकर अंतिम संस्कार करने की यह सनसनीखेज घटना पूरे इलाके में दिनभर चर्चा का केंद्र बनी रही।


