
अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ट्रेनों को पटरी से उतारकर बड़े हादसों को अंजाम देने की साजिशें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां रेलवे पटरियों पर भारी लोहे की चीजें रखकर ट्रेनों को पलटाने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर लोहे की रेलिंग मिलने का ताजा मामला सामने आया है, जबकि इससे पहले इरादतगंज इलाके में भी ऐसी ही साजिश रची जा चुकी है।
ताजा मामला: DFC ट्रैक पर मिली 7 फीट लंबी लोहे की रेलिंग
अभी हालिया घटना प्रयागराज से सामने आई है, जहां असामाजिक तत्वों ने ट्रेन को डिरेल करने की नीयत से DFC ट्रैक पर 7 फीट लंबी लोहे की रेलिंग रख दी थी। जब इस रूट से इंजन गुजरा, तो वह इस भारी रेलिंग से जा टकराया। गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा होने से टल गया और समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटना के बाद से रेलवे सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है।
पुरानी घटना: इरादतगंज में भी रची गई थी साजिश
इससे पहले प्रयागराज के ही इरादतगंज इलाके में भी ऐसी ही एक खतरनाक साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई थी। रात के वक्त जब मुंबई से वाराणसी जाने वाली बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस उस ट्रैक से गुजर रही थी, तब ड्राइवर की नजर पटरियों के बीच रखे एक लोहे के पाइप पर पड़ी थी। ड्राइवर की सूझबूझ और इमरजेंसी ब्रेक लगाने की वजह से उस वक्त भी सैकड़ों यात्रियों की जान बालबाल बच गई थी। आरपीएफ ने उस मामले में भी अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
लगातार हो रही वारदातों से सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रयागराज और उसके आसपास के इलाकों में इस तरह बारबार पटरियों पर पत्थर, लोहे के पाइप या रेलिंग रखकर ट्रेन पलटाने की कोशिशें यह साफ दिखाती हैं कि कोई शातिर गिरोह या असामाजिक तत्व जानबूझकर देश की रेल व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना चाहता है। हालांकि, ड्राइवरों और रेलवे कर्मचारियों की मुस्तैदी से हर बार साजिश नाकाम हो रही है, लेकिन बारबार हो रही इन घटनाओं के बाद अब रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा, निगरानी और गश्त बहुत ज्यादा सख्त कर दी गई है ताकि इन खतरनाक अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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