Champawat Strike: उत्तराखंड में चंपावत के लोहाघाट में साधन सहकारी समिति के सभागार में सचिव और कर्मचारी संगठन की मीटिंग हुई। इसमें लंबे समय से चल रही मांगों और शासन स्तर पर हुई बातचीत की जानकारी ली गई। बैठक में आगे के आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई गई। मांगों पर विचार करने के लिए 1 अक्टूबर तक की डेडलाइन दी गई। इसके बाद प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी दी गई।

संयुक्त संघर्ष समिति का गठन
मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने संयुक्त संघर्ष समिति बनाई। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी और संगठन मंत्री समेत कई पदों पर जिम्मेदारियां तय की गईं। संगठन ने कहा कि मांगों को लेकर शासन और विभागीय अधिकारियों से पहले से बातचीत चल रही है।
अक्टूबर तक सूचनाओं का बहिष्कार
संगठन ने फिलहाल 1 अक्टूबर तक सूचनाओं के बहिष्कार का फैसला जारी रखने की बात कही है। साथ ही साफ किया है कि तय समय तक मांगों पर सकारात्मक और ठोस पहल नहीं हुई तो प्रदेशभर के सचिव और कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
नई समितियों के गठन पर भी सवाल
सहकारी कर्मचारियों ने नई सहकारी समितियां बनाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले से चल रही समितियों और वहां काम कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं को पहले हल किया जाना चाहिए।
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देहरादून में धरने की चेतावनी
संगठन ने कहा है कि 5 अक्टूबर के बाद प्रदेशभर के सचिव और कर्मचारी देहरादून पहुंचेंगे। यहां रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर धरनाप्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने संकेत दिया है कि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और आगे बढ़ाया जा सकता है।
1 अक्टूबर की डेडलाइन
सहकारी समिति सचिव और कर्मचारियों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। अब देखना होगा कि 1 अक्टूबर तक शासन और विभाग उनकी मांगों पर क्या कदम उठाता है।



