
लालगंज, रायबरेली, अमृत विचार। खानपुर खपुरा मजरे मटेहना गांव में जमीन विवाद को लेकर 21 सितंबर को हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल राजेंद्र यादव की सोमवार देर रात एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। रात करीब दो बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद पुलिस ने मारपीट के मुकदमे को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पुश्तैनी जमीन पर पेड़ हटाने को लेकर भिड़े थे दोनों पक्ष
खानपुर खपुरा गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर यादव और पासी पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। 21 सितंबर को लेखपाल ऋषिकांत ने मौके पर पहुंचकर विवादित भूमि की नापजोख की थी। इसके बाद पासी पक्ष जेसीबी से जमीन पर लगे पेड़ों को हटाने लगा। यादव पक्ष ने पेड़ों पर अपना हक जताते हुए विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमनेसामने आ गए।
देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों ओर से कुल्हाड़ी, बांका और फरसा समेत धारदार हथियारों से हमला किया गया। घटना में करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल राजेंद्र यादव समेत अन्य लोगों को जिला अस्पताल से एम्स रेफर किया गया था। राजेंद्र का एम्स में इलाज चल रहा था, जहां सोमवार देर रात उनकी मौत हो गई।
दोनों पक्षों की तहरीर पर दर्ज हैं मुकदमे
घटना के संबंध में पासी पक्ष के हरिप्रसाद की तहरीर पर 11 लोगों के खिलाफ बलवा, एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं, यादव पक्ष की ओर से रामचरन की तहरीर पर 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
राजेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी गुड्डी, मां रामकिशोरी और बच्चों का रोरोकर बुरा हाल है।
गांव में पुलिस तैनात, आरोपियों की तलाश जारी
ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार सुबह पुलिस ने पासी समाज के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानूनव्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि राजेंद्र की मौत के बाद मुकदमे को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
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