
प्रतापगढ़ अमृत विचार : जनपद के सदर विधानसभा अंतर्गत विकास खण्ड मंगरौरा, तहसील पट्टी क्षेत्र स्थित ग्राम सभा लौली पोख्ताखाम मजरे भवानीपुर में पिछले पांच दशक से नाले की सफाई न होने के कारण ग्रामीणों को भारी जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई विभाग खण्ड51, उप जिलाधिकारी, जिलाधिकारी समेत अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। ग्रामीण रामपाल के अनुसार 1076 पर भी कॉल किया। बावजूद इसके समस्या का निस्तारण आज तक नहीं हो सका।
4 महीने तक पानी में कैद रहने को मजबूर हैं ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार,नाले की सफाई न होने से बारिश का पानी और गांव के पास चिलबिला रजबहा से सुजानगढ़ माइनर में 500 मीटर की दूरी पर स्थित ‘मोछाड़ा’ नामक तालाब का पानी रुक जाता है। यहां नहर की कटान अधिक रहती है तथा साइफन बने होने के कारण लगभग चार महीने तक बरसात का पानी जमा रहता है। इसके चलते ग्रामीणों को मजबूरी में पानी से होकर ही आवाजाही करनी पड़ रही है।
कंधे पर बच्चों को बिठाकर स्कूल जाते हैं लोग, बीमारी फैलने की आशंका
जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और पशुओं को उठानी पड़ रही है। स्थिति यह है कि परिजनों को अपने नौनिहालों को कंधे पर बिठाकर स्कूल वाहन तक छोड़ना पड़ रहा है। वहीं, गांव के मवेशी दिनरात पानी में रहने को मजबूर हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की गंभीर आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने अफसरों से मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि मामले में उचित कार्यवाही करते हुए नाले की अविलंब सफाई की व्यवस्था कराई जाए ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
ः



