
लखनऊ/उत्तर प्रदेश अमृत विचार: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर अब दोपहिया वाहन की सवारी करते समय लापरवाही भारी पड़ने वाली है। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा घटाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। अब बाइक या स्कूटर पर चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। नियम तोड़ा तो सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर ईचालान पहुंचेगा।
हाईटेक कैमरे और नए सॉफ्टवेयर से निगरानी
यातायात विभाग अपने ईचालान सिस्टम को नए सिरे से अपडेट कर रहा है। सॉफ्टवेयर में अब पिलियन राइडर के बिना हेलमेट होने पर अलग से चालान काटने का फीचर जोड़ा गया है। चौराहों पर लगे इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के हाईडेफिनिशन कैमरे और ट्रैफिक पुलिस की मोबाइल ऐप अब सीधे बिना हेलमेट बैठे सहयात्री की फोटो क्लिक करेगी। चालान और फोटो तुरंत गाड़ी के रजिस्टर्ड मालिक को भेज दिए जाएंगे।
जेब ढीली होगी, लाइसेंस भी हो सकता है सस्पेंड
चालान की रकम: बिना हेलमेट सहयात्री को बैठाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
सख्त कार्रवाई: बारबार नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस को 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
नई बाइक खरीद पर मिलेंगे 2 हेलमेट
सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों पर अमल करते हुए सरकार ने शोरूम स्तर पर भी शिकंजा कसा है। अब UP में नया दोपहिया वाहन खरीदने पर डीलर को ग्राहक को दो ISI मार्क वाले हेलमेट देना जरूरी होगा। ‘वाहन पोर्टल’ पर दोनों हेलमेट की रसीद और विवरण दर्ज हुए बिना गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी नहीं मिलेगी।
हादसों में जान बचाना मकसद
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रोड एक्सीडेंट्स में जान गंवाने वालों में एक बड़ी संख्या पीछे बैठे लोगों की होती है, जिन्हें सिर में गंभीर चोट लगती है। सरकार का साफ कहना है कि इस कदम का मकसद राजस्व वसूलना नहीं, बल्कि हादसों में लोगों की जान बचाना है।
सिस्टम अपडेट के चलते फिलहाल ईचालान बंद
बता दें कि नई व्यवस्था को लागू करने और चालान प्रणाली को अपडेट करने के लिए 21 सितंबर की रात से ईचालान सेवा अस्थायी रूप से बंद है। पुराने डाटा को नए और हाईटेक सर्वर पर ट्रांसफर करने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में कुछ समय और लगेगा। जैसे ही सर्वर पूरी तरह एक्टिव होगा, नए और कड़े नियमों के तहत चालान काटने की कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी। अगर आप चालान और किसी भी कानूनी पचड़े से बचना चाहते हैं, तो आज ही अपने सहयात्री के लिए भी एक मजबूत ISI मार्क हेलमेट खरीद लें। सुरक्षा में ही समझदारी है।


