India

​सफदरजंग अस्पताल में पहली बार हुआ डुअल किडनी ट्रांसप्लांट

सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने डुअल की किडनी ट्रांसप्लांट किया है. मरीज को एक 62 साल के डोनर की किडनियां लगाई गई हैं. फैमिली ने ब्रेन डेड होने के बाद अंगदान करने का फैसला लिया था. डोनर के लिवर से लेकर किडनियों को दान में दिया गया. जिसके बाद डॉक्टरों ने डोनर की दोनों किडनियां एक ही मरीज में ट्रांसप्लांट की. सफदरजंग अस्पताल में अब तक की इस तरह की ये पहली सर्जरी की गई है, जब एक ही डोनर की दो किडनियां किसी एक मरीज में ट्रांसप्लांट की गई हैं.

​सफदरजंग अस्पताल में पहली बार हुआ डुअल किडनी ट्रांसप्लांट

इस डुअल किडनी ट्रांसप्लांट के बाद उम्मीद जगी है कि आगे चलकर और भी मरीजों में ऐसी सर्जरी की जा सकती हैं और उन्हें नई जिंदगी मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी.

ब्रेन डेड व्यक्ति बना डोनर

19 सितंबर की रात चंडी मंदिर स्थित कमांड अस्पताल में 62 साल के एक व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित किया गया था. परिवार ने अंगदान का फैसला लिया. उम्र और कुछ अन्य मेडिकल कारणों की वजह से डोनर को मार्जिनल डोनर माना गया. ऐसे मामलों में एक किडनी अकेले मरीज के लिए पर्याप्त फायदा नहीं दे सकती है, इसलिए सफदरजंग अस्पताल की ट्रांसप्लांट टीम ने एक ही डोनर की दोनों किडनियां एक मरीज में ट्रांसप्लांट करने का फैसला लिया.

वायुसेना की मदद से दिल्ली लाए गए अंग

मरीज के परिवार की सहमति के बाद यह जटिल ट्रांसप्लांट किया गया. अंगों को जल्द दिल्ली पहुंचाना जरूरी था. ऐसे में भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न कमांड ने अंगों को दिल्ली लाने में मदद की. डोनर का लिवर आर्मी हॉस्पिटल, नई दिल्ली को दिया गया, जबकि दोनों किडनियां सफदरजंग अस्पताल पहुंचाई गईं.

बचाई जा सकेंगी जानें

डुअल किडनी ट्रांसप्लांट डॉ. पवन वासुदेवा के नेतृत्व में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने किया. टीम में डॉ. नीरज कुमार, डॉ. संदीप कुमार और डॉ. गौरव वशिष्ठ शामिल रहे.अस्पताल के मुताबिक, अंगों की कमी के बीच एक ही डोनर की दोनों किडनियों का इस्तेमाल करने से जरूरतमंद मरीजों के लिए ट्रांसप्लांट के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं. इससे किडनी की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की जान बचाई जा सकेंगी.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply