
लखनऊ, अमृत विचार। स्पेशल टास्क फोर्स ने मंगलवार को बलिया पुलिस के इनामी वांछित देवेंद्र उपाध्याय को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। देवेंद्र उपाध्याय ग्राम प्रधान की हत्या में जेल जा चुके थे। छूटने के बाद देवेंद्र पर गवाह की भी हत्या करने आरोप लगा था। एफआईआर दर्ज होने के बाद एसटीएफ ने देवेंद्र पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। गिरफ्तारी की कार्रवाई एसटीएफ के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही के नेतृत्व में की गई।
एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार
प्रधान की हत्या के गवाह को बोलेरो से रौंदकर उतारा था मौत के घाट एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र उपाध्याय ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। धर्मेंश कुमार शाही के मुताबिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 16 फरवरी 2023 को रसड़ा में अपने ही गांव असनवार के तीन बार के प्रधान सुरेश वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
गवाह को रास्ते से हटाने की साजिश
इस मामले में जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने गवाह को रास्ते से हटाने की साजिश रची। प्रधान हत्याकांड में उसके ही गांव के विनोद उपाध्याय मुख्य गवाह थे। इसी रंजिश के चलते देवेंद्र ने बीती 4 जुलाई 2026 की शाम को दूध देने जा रहे विनोद उपाध्याय को जानबूझकर अपनी बोलेरो कार से जोरदार टक्कर मार दी थी।
50 हजार रुपये का इनाम घोषित
गंभीर रूप से घायल विनोद की 8 जुलाई 2026 को इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने आरोपी को थाना गड़वार में बीएनएस की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दाखिल किया है।



