भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सर्विस सेक्टर से एक बेहद पॉजिटिव खबर सामने आई है। देश के नए आर्थिक पैमाने ‘इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन’ ने अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों को मजबूत बढ़त के संकेत दिए हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, इस इंडेक्स में शामिल सभी 17 प्रमुख सेक्टर्स में ग्रीन सिग्नल दर्ज किया गया है। व्यापार, परिवहन, वित्तीय सेवाओं और कम्यूनिकेशन समेत सभी मुख्य क्षेत्रों में दर्ज की गई यह तेजी यह साफ दर्शाती है कि घरेलू मांग और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी से सुधार हो रहा है, जो आने वाले समय में देश की जीडीपी ग्रोथ को नई रफ्तार देने का काम करेगा। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर किस तरह के आंकड़े देखने को मिले हैं.

17 सबसेक्टर्स में पॉजिटिव ग्रोथ
मंगलवार को जारी सेवा उत्पादन सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में 19 सर्विस सबसेक्टर्स में से 10 ने दोहरे अंक में वृद्धि दर्ज की है. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित आईएसपी आंकड़ों से पता चला है कि जुलाई में 17 सबसेक्टर्स ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की. मंत्रालय ने कहा कि मरम्मत सेवाओं और हवाई परिवहन को छोड़कर सभी श्रेणियों ने सालाना आधार पर जुलाई में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की. इस दौरान हवाई परिवहन में 8.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि मरम्मत सेवाओं में पांच प्रतिशत का संकुचन दर्ज किया गया.
कुछ इस तरह के देखे गए आंकड़े
एमओएसपीआई ने 202425 को आधार वर्ष मानते हुए 19 सबसेक्टर्स के लिए जुलाई, 2026 के आईएसपी आंकड़े जारी किए हैं. जुलाई, 2026 में सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज करने वाले प्रमुख सबसेक्टर्स में प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएं , खुदरा व्यापार , रियल एस्टेट , आवास एवं खाद्य सेवाएं और बैंकिंग शामिल रहे. मंत्रालय ने कहा, जुलाई, 2025 की तुलना में जुलाई, 2026 में 19 में 10 सबसेक्टर्स ने दोहरे अंक में वृद्धि दर्ज की. कुल 19 में 17 सबसेक्टर्स ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है. सबसेक्टर्स का पहला प्रायोगिक आईएसपी 14 जुलाई, 2026 को जारी किया गया, जो अप्रैल, 2026 के लिए था. मंत्रालय ने बताया कि ये मासिक आईएसपी आंकड़े अभी प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित किए जा रहे हैं.



