
लखनऊ,अमृत विचार: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत आज बड़ा फैसला सुनाने जा रही है। 13 महीने चले लंबे ट्रायल, 126 पेशियों और 22 गवाहों की गवाही के बाद आखिरकार कातिल पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल की किस्मत का फैसला जज अरविंद कुमार मिश्रा करेंगे। पीड़ित परिवार ने कोर्ट से दोनों गुनहगारों के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा मांगी है।
शादी से कत्ल तक: यूं रची गई पूरी साजिश
सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में नौकरी करते थे और लंदन में रहते थे। साल 2016 में उन्होंने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर मुस्कान से लव मैरिज की थी। दोनों की एक बेटी भी है। सौरभ के विदेश रहने के दौरान मुस्कान का साहिल नाम के युवक से अफेयर शुरू हो गया। जब सौरभ रास्ते का कांटा बनने लगा, तो दोनों ने मिलकर उसे हमेशा के लिए हटाने का खतरनाक प्लान तैयार कर लिया।
25 फरवरी को जन्मदिन, 3 मार्च को खौफनाक वारदात
24 फरवरी 2025 को सौरभ लंदन से मेरठ लौटे। उन्हें पत्नी के अफेयर की भनक तक नहीं थी। 25 फरवरी को मुस्कान के जन्मदिन की पार्टी हुई, जहां सब कुछ सामान्य दिख रहा था। लेकिन पर्दे के पीछे कत्ल की पटकथा लिखी जा चुकी थी। मुस्कान ने पहले ही नींद की गोलियां, दो बड़े चाकू और रेजर खरीद लिए थे। 3 मार्च को जब सौरभ घर लौकी के कोफ्ते लेकर पहुंचे, तो मुस्कान ने उसमें नींद की दवा मिला दी। सौरभ के बेहोश होते ही मुस्कान ने प्रेमी साहिल को घर बुलाया और दोनों ने मिलकर सौरभ को मौत के घाट उतार दिया।
15 टुकड़े, सीमेंट और नीला ड्रम
कत्ल के बाद दोनों शव को घसीटकर बाथरूम में ले गए और सौरभ के शरीर के 15 टुकड़े कर दिए। आधा हिस्सा बेड के अंदर छुपाया और आधा साहिल अपने साथ ले गया। शुरुआती प्लान टुकड़ों को अलगअलग फेंकने का था, लेकिन नाकाम रहने पर उन्होंने एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा। सौरभ के कटे हुए अंगों को ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया ताकि बदबू बाहर न आए।
मनाली भागे, सीमेंट के वजन ने खोला राज
सीमेंट जमने की वजह से ड्रम इतना भारी हो गया कि दोनों उसे घर से बाहर ले जा ही नहीं सके। हार मानकर वे ड्रम को घर में ही छोड़कर मनाली फरार हो गए। 17 मार्च 2025 को जब बंद घर से असहनीय बदबू आने लगी, तो पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए।
22 गवाह और 126 पेशी के बाद इंसाफ की घड़ी
मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 17 मार्च 2025 से शुरू हुए ट्रायल के दौरान बिल्डिंग मटेरियल व्यापारी, ड्रम काटने वाले कारीगर, सौरभ के भाई और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स समेत 22 लोगों ने गवाही दी। आज अदालत इस खौफनाक वारदात के दोषियों को उनकी सजा सुनाएगी।

