
पुलिस ने लारेंस बिश्नोई के वकील दीपक नंदा के खिलाफ फर्जी 12वीं की मार्कशीट और प्रमाण-पत्र के जरिए दाखिला लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. यह दाखिला अमरोहा की श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी में लिया गया था. दीपक नंदा के खिलाफ यह एफआईआर 28 सितंबर 2026 को अमरोहा के राजपुर थाने में दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी अरुण कुमार की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत केस दर्ज किया है.
2019 में लिया था यूनिवर्सिटी में एडमिशन
एफआईआर के अनुसार, दीपक नंदा ने साल 2019 में श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था. उसने साल 2024 में अपना कोर्स पूरा किया. एडमिशन के दौरान उसने अपनी पिछली शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज यूनिवर्सिटी में जमा किए थे. इन दस्तावेजों में इंटरमीडिएट यानी 12वीं कक्षा की मार्कशीट और प्रमाण-पत्र भी शामिल थे. अब पुलिस की एफआईआर में इन्हीं दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल उठाया गया है.
दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच से सामने आया मामला
एफआईआर में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच पहले से एक अलग मामले की जांच कर रही है. इसी जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 94 के तहत श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी को नोटिस भेजा था. नोटिस के जरिए क्राइम ब्रांच ने दीपक नंदा से जुड़े एडमिशन और शैक्षणिक रिकॉर्ड मांगे थे. इसके बाद यूनिवर्सिटी ने 9 सितंबर 2026 को उपलब्ध रिकॉर्ड दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दिए थे. इन रिकॉर्ड में दीपक नंदा की 12वीं कक्षा की मार्कशीट और प्रमाण-पत्र की कॉपी भी शामिल थी.



