
राजस्थान के नागौर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से साहूकारों के कर्ज के जाल, अत्यधिक ब्याज, सोने के आभूषण हड़पने और जान से मारने की धमकियों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. व्यास कॉलोनी निवासी 54 वर्षीय प्रेमप्रकाश बिहानी (पुत्र स्वर्गीय मांगीलाल) साहूकारों की भारी मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुए हैं. प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने बीते 23 अगस्त को आत्महत्या का प्रयास भी किया था. इलाज के बाद पीड़ित ने कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़ित प्रेमप्रकाश बिहानी के अनुसार पहले उनका पान-मेथी का बड़ा कारोबार था. व्यापार में भारी नुकसान होने के कारण उन्हें अपनी जमीन-जायदाद और घर-बार बेचना पड़ा. इसके बाद अपना जीवनयापन करने और फास्ट फूड की नई दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने स्थानीय साहूकारों से करीब 15 से 16 लाख रुपये उधार लिए थे. इनमें लक्ष्मण गौड़ से 11 लाख रुपये, अर्जुन गौड़ से 8.50 लाख रुपये, आकाश तिवारी से 1.50 लाख रुपये, निखिल कच्छावा से 4 लाख रुपये और पवन सोनी से 9 लाख रुपये शामिल हैं.
सोने के गहने हड़पे और 60 लाख बनाई रकम
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने निखिल कच्छावा को सुरक्षा के तौर पर खाली चेक दिए थे, जबकि पवन सोनी के पास करीब 6 तोला सोने के आभूषण (नेकलेस, चेन, सात चूड़ियां, मंगलसूत्र, लॉकेट, झुमके, ब्रेसलेट आदि) गिरवी रखे गए थे. पवन सोनी को दिए गए 9 लाख रुपये में से 6 लाख रुपये चुकता भी कर दिए गए थे. बावजूद इसके आरोपी ने आभूषण लौटाने से साफ इनकार कर दिया. बाजार में सोने के दाम तेजी से बढ़ने के बाद आरोपियों की नीयत बिगड़ गई. आरोपियों ने ब्याज पर ब्याज लगाकर मूल रकम को 50 से 60 लाख रुपये तक पहुंचा दिया और 10 गुना वसूली की धमकी देने लगे.
धोखे से हस्ताक्षरित कराए सादे कागज
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी राजेश सांखला और लोकेश सांखला ने उन्हें धोखे से कचहरी बुलाया और सादे कागजातों पर बिना पढ़ने दिए जबरन हस्ताक्षर करवा लिए. इसके अलावा उन्हें फोन पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं कि अगर वे पुलिस के पास गए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा और उनके मकान पर कब्जा कर लिया जाएगा. इस लगातार मिलती धमकियों और दबाव के कारण पीड़ित का घर से निकलना भी दूभर हो गया.
मानसिक तनाव में आत्महत्या का प्रयास
गंभीर मानसिक तनाव और रोजाना की प्रताड़ना के कारण 23 अगस्त को पीड़ित ने आत्महत्या का प्रयास किया. परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें जोधपुर ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज करवाया. वर्तमान में पीड़ित भारी डिप्रेशन में हैं और दवाइयां ले रहे हैं. इलाज में व्यस्तता के कारण पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने में देरी हुई. स्थिति में थोड़ा सुधार होने पर 25 सितंबर को पीड़ित ने स्वयं थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और रिपोर्ट दर्ज कराई.
पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपियों की तलाश जारी
मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली थाना प्रभारी नंदलाल रिणवा ने बताया कि पीड़ित प्रेमप्रकाश बिहानी ने अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए उधार लिए पैसे समय-समय पर चुकाए थे, फिर भी आरोपियों द्वारा 10 से 20 प्रतिशत अत्यधिक ब्याज वसूला गया. प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. मामला सीधे थाने पर दर्ज कर जांच एएसआई रामकैलाश को सौंपी गई है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही साक्ष्य जुटाकर आरोपी लक्ष्मण गौड़, अर्जुन गौड़, निखिल कच्छावा, पवन सोनी, राजेश सांखला, लोकेश सांखला और आकाश तिवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा



