
पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर की देर रात शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब पुलिस और साइबर सेल की जांच के घेरे में है। प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात, तोड़फोड़ और आगजनी के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक Reddit मैसेज को भी अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
हॉस्टल में पहले पहुंचा था मैसेज
शुरुआती जांच के मुताबिक, कथित तौर पर एक Reddit पोस्ट हंगामे से करीब पांच दिन पहले यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में शेयर की गई थी। इस पोस्ट में हॉस्टल की एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा गंभीर दावा किया गया था। पोस्ट में छात्रा की स्थिति को लेकर भी कई बातें कही गई थीं।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा के साथ ऐसी किसी घटना की बात को अफवाह बताते हुए खारिज किया है। पुलिस भी सोशल मीडिया पर किए गए दावों और वास्तविक घटनाक्रम की अलग-अलग जांच कर रही है।
अब Reddit पोस्ट के पीछे कौन, इसकी तलाश
पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि यह मैसेज सबसे पहले किसने तैयार किया था और इसे यूनिवर्सिटी के छात्रों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। साइबर सेल पोस्ट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और IP Address समेत अन्य तकनीकी सुरागों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पोस्ट सबसे पहले किस अकाउंट से शेयर हुई, इसके बाद इसे किन लोगों ने आगे प्रसारित किया और इसका छात्रों के बीच कितना प्रसार हुआ।
पांच दिन बाद अचानक क्यों बढ़ा विरोध?
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर मैसेज कथित तौर पर प्रदर्शन से करीब पांच दिन पहले सामने आया था, तो उस समय बड़े स्तर पर विरोध क्यों नहीं हुआ। इसके बाद शनिवार देर रात अचानक बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शन के कारण जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। हालात बिगड़ने के बाद तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस की कुछ गाड़ियों और अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई।
अब जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि सोशल मीडिया पर सामने आए मैसेज और पांच दिन बाद हुए बड़े प्रदर्शन के बीच क्या कड़ी थी।
डिजिटल रिकॉर्ड से खुल सकता है पूरा घटनाक्रम
पुलिस और साइबर सेल सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही है। जांच में पोस्ट के स्रोत, उसे शेयर करने वाले अकाउंट और उसके प्रसार से जुड़े डिजिटल सुरागों पर ध्यान दिया जा रहा है।
साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पर किए गए दावों का प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसक घटनाओं पर क्या असर पड़ा।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। Reddit पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और यूनिवर्सिटी प्रशासन इन आरोपों को अफवाह बता चुका है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल मैसेज की वास्तविकता क्या थी और LPU में हुए विरोध प्रदर्शन से उसका कितना संबंध था।



