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क्या आपका लिवर भी: है सूजा हुआ है? फैटी लिवर से बचाव में मदद करेंगे ये 5 उपाय, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानिए कैसे.

क्या आपका लिवर भी: है सूजा हुआ है? फैटी लिवर से बचाव में मदद करेंगे ये 5 उपाय, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानिए कैसे.

गलत खान-पान, सुस्त जीवनशैली, ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन और शराब के सेवन जैसी आदतें लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। इन कारणों से फैटी लिवर और लिवर में सूजन (Liver Inflammation) जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। लिवर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो पाचन से जुड़े कार्यों, पोषक तत्वों के मेटाबॉलिज्म, ब्लड शुगर और फैट मैनेजमेंट समेत कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। यह शरीर में बनने वाले कुछ अपशिष्ट पदार्थों को प्रोसेस करने और दवाओं के मेटाबॉलिज्म में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लिवर में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर कुछ लोगों में थकान, भूख कम लगना, पेट में असहजता या अन्य लक्षण नजर आ सकते हैं, हालांकि शुरुआती फैटी लिवर में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन के मुताबिक, लिवर में सूजन या फैटी लिवर की स्थिति में शरीर कुछ संकेत दे सकता है। ऐसे में खान-पान और लाइफस्टाइल में सुधार करना जरूरी होता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि लिवर में सूजन होने पर शरीर में कौन-कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं और लिवर की सेहत को बेहतर रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लिवर की समस्या के कौन से लक्षण दिख सकते हैं?

डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया लिवर में कुछ भी परेशानी होने पर हमारी बॉडी में कुछ बदलाव दिखते हैं जैसे भूख कम लगना, पेट फूलना, जी मिचलाना, उल्टी जैसा महसूस होना, हल्का बुखार, शरीर में दर्द, सूजन, पेट में दर्द या असहजता, एनीमिया, ज्यादा थकान और पेशाब का पीला होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

लिवर के लिए पुनर्नवा का काढ़ा पिएं

आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया पुनर्नवा लिवर, हृदय और किडनी के लिए बहुत उपयोगी आयुर्वेदिक औषधि है। पुनर्नवा शरीर से कुछ अपशिष्ट पदार्थों को यूरिन के जरिए बाहर निकालने और सूजन जैसी समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। इसके लिए दो कप पानी में करीब आधा चम्मच पुनर्नवा चूर्ण डालकर उबाले। पुनर्नवा के साथ इसमें मुलेठी का चूर्ण, थोड़ा अदरक और पुदीने की पत्तियां मिलाना भी फायदेमंद साबित होगा। अदरक का सेवन पाचन को दुरुस्त करने में मदद करेगा। उबालने के बाद इसमें थोड़ा नींबू का रस मिलाएं और इसका सेवन करें।

पुनर्नवा टी का सेवन दिन में कितनी बार करें

पुनर्नवा टी का सेवन आप सुबह खाली पेट करें। करीब 15-20 दिन तक लगातार इसका सेवन करें और उसके बाद कुछ समय का अंतर रखें। हालांकि, किसी भी हर्बल या आयुर्वेदिक मिश्रण को नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

लिवर के लिए भुई आंवला टी का करें सेवन

भुई आंवला को भी लिवर के लिए उपयोगी आयुर्वेदिक वनस्पति बताया गया है। आयुर्वेद में इसे पाचन, गैस, पेट फूलने और ज्यादा प्यास जैसी समस्याओं में उपयोगी बताया गया है। हेपेटाइटिस और पीलिया जैसी स्थितियों में भी इसका सेवन असरदार साबित होता है।

भुई आंवला टी कैसे बनाएं?

दो कप पानी में करीब आधा चम्मच भुई आंवला चूर्ण डालें। इसमें थोड़ी गीली हल्दी या बहुत कम मात्रा में हल्दी पाउडर, दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा और करीब चौथाई से आधा चम्मच मुलेठी का चूर्ण मिलाएं। इसे उबालकर करीब एक कप रहने पर छान लें और इसमें थोड़ा नींबू का रस मिलाकर उसका सेवन करें। एक्सपर्ट ने बताया पुनर्नवा टी और भुई आंवला टी को एक साथ लेने के बजाय रोटेशन में इसका सेवन करें। आपको जो भी चाय आपकी बॉडी के अनुकूल लगें आप उसका सेवन कर सकते हैं।

लिवर हेल्थ के लिए करें ये योगासन

लिवर हेल्थ को दुरुस्त रखने के लिए कुछ योगासन भी असरदार साबित हो सकते हैं। आप रोजाना पश्चिमोत्तानासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन, मंडूकासन और पवनमुक्तासन जैसे योगासन करें आपको फायदा होगा। इनसे पेट और अंदरूनी अंगों पर दबाव पड़ने के कारण लिवर को स्टिमुलेशन मिल सकता है, ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है। इतना ही नहीं ये योगासन पेट की चर्बी कम करने में भी मदद कर सकते हैं।

लिवर को हेल्दी रखने के लिए कैसी डाइट लें?

लिवर को हेल्दी रखना चाहते हैं तो डाइट का ध्यान रखें। घर का बना और आसानी से पचने वाला भोजन करें। डाइट में मूंग और मसूर की दाल, हरी सब्जियां जैसे लौकी, परवल, कद्दू, तोरई, टिंडा और करेला शामिल करें। आंवला और हरड़ जैसी चीजों को भी डाइट में शामिल करें। मिलेट और जौ की रोटी का सेवन करें। मिलेट की रोटी और जौ की रोटी फैटी लिवर जैसी समस्या में उपयोगी बताई गई है।

इन चीजों से करें परहेज

लिवर को हेल्दी रखना चाहते हैं तो बहुत ज्यादा तीखा, खट्टा और नमकीन भोजन कम करें। बहुत अधिक मीठी चीजें, भारी या गरिष्ठ भोजन और जरूरत से ज्यादा कैलोरी वाले फूड्स का सेवन कम करें। बहुत ज्यादा जूस, शेक और अन्य लिक्विड डाइट लेने से भी परहेज करें। डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया बिना भूख के खाना नहीं खाना चाहिए और पिछले भोजन के पचने से पहले दोबारा भोजन करने से बचना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। लिवर से जुड़ी समस्या होने पर किसी भी नुस्खे या सप्लीमेंट के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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