
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में मोबाइल डेटा, चैट, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान समेत कई डिजिटल और अन्य साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में हत्या की कथित साजिश से जुड़े कई इंटरनेट सर्च सामने आए हैं। आरोप है कि सिया गोयल ने हत्या से जुड़े अलग-अलग मामलों और तरीकों के बारे में इंटरनेट पर जानकारी तलाश की थी। इसके बाद लोहागढ़ को कथित तौर पर घटनास्थल के रूप में चुना गया और वहां रेकी की गई।
Google पर हत्या से जुड़े मामलों की जानकारी तलाशने का दावा
चार्जशीट के अनुसार, जांच के दौरान सिया गोयल के मोबाइल और इंटरनेट सर्च से कई अहम जानकारियां सामने आईं। पुलिस का दावा है कि उसने ‘सोनम केस’ समेत हत्या से जुड़े कुछ मामलों के बारे में सर्च किया था।
इसके अलावा लोहागढ़, ट्रेकिंग के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और कुछ अन्य मामलों से जुड़ी जानकारी भी इंटरनेट पर तलाशे जाने की बात चार्जशीट में कही गई है।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि मशरूम से हत्या की संभावना से संबंधित जानकारी इंटरनेट पर खोजी गई थी। हालांकि, इन सर्च का वास्तविक उद्देश्य और उनका मामले से सीधा संबंध जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तय होना बाकी है।
लोहागढ़ को कथित तौर पर बनाया गया घटनास्थल
चार्जशीट के मुताबिक, जांच में सामने आया कि लोहागढ़ क्षेत्र की रेकी की गई थी। पुलिस के अनुसार, 28 मई को वहां जाकर संभावित स्थानों की जानकारी ली गई और अगले दिन हत्या से जुड़े एक चर्चित मामले का अध्ययन किए जाने का दावा है।
इसके बाद 31 मई को केतन को ट्रेकिंग के बहाने लोहागढ़ ले जाने की बात चार्जशीट में कही गई है। पुलिस के अनुसार, वहां संभावित घटनास्थल की तस्वीरें ली गईं और उन्हें चेतन चौधरी को दिखाया गया।
धक्का देने की कथित योजना का भी जिक्र
पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि केतन को किस तरह घाटी की तरफ धकेला जा सकता है, इसका कथित तौर पर अभ्यास भी किया गया था। साथ ही घटना के बाद पुलिस और अन्य लोगों से क्या जानकारी साझा करनी है, इसकी योजना बनाए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है।
हालांकि, ये सभी बातें पुलिस की चार्जशीट में दर्ज आरोप और जांच के निष्कर्ष हैं। अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
18 जून की घटना का चार्जशीट में उल्लेख
चार्जशीट के मुताबिक, 18 जून को केतन को कथित तौर पर दोबारा लोहागढ़ ले जाया गया। पुलिस का आरोप है कि वहां चेतन चौधरी ने केतन को पीछे से धक्का दिया और सिया गोयल ने भी उसे घाटी की ओर धकेला।
मामले में पुलिस ने डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्यों के साथ एक प्रत्यक्षदर्शी गवाह का भी उल्लेख किया है।
केतन ने बनवाया था सिया के नाम का टैटू
जांच के दौरान केतन से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उसने अपनी पीठ पर सिया के नाम का टैटू बनवाया था। पुलिस के अनुसार, वह अपने जन्मदिन पर यह टैटू सिया को दिखाकर उसे सरप्राइज देना चाहता था।
टैटू बनवाने से जुड़ी रिकॉर्डिंग भी जांच के दौरान सामने आने की बात कही गई है।
5,053 पन्नों की चार्जशीट में डिजिटल सबूत
इस मामले में पुलिस ने कुल 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट, इंटरनेट सर्च और गवाहों के बयान सहित कई तरह के साक्ष्यों को शामिल किया गया है।
अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान अदालत इन साक्ष्यों और आरोपों का परीक्षण करेगी। आरोप साबित होने या न होने का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।



