
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 70 वर्षीय सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की बुधवार तड़के उनके घर में हत्या कर दी गई। उनका शव सूरज नगर स्थित आवास में मिला। पुलिस के मुताबिक, अधिकारी पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटना के बाद हाल ही में काम पर रखा गया घरेलू सहायक वरुण कुमार लापता है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
रातीबड़ थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात की सूचना पुलिस को सुबह करीब पांच बजे मिली। राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ घर में रहते थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना के समय उनकी पत्नी दूसरे कमरे में थीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
दो दिन पहले ही काम पर रखा गया था वरुण
पुलिस के मुताबिक, वरुण को घटना से करीब दो दिन पहले ही घरेलू सहायक के तौर पर काम पर रखा गया था। वारदात के बाद से वह लापता है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई हैं और संबंधित एजेंसी से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने फिलहाल वरुण को मामले में संदिग्ध माना है, लेकिन हत्या में उसकी भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हत्या के कारण और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए अलगअलग पहलुओं से जांच कर रही है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, CCTV की जांच
घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि वारदात के समय घर में मौजूद लोगों और संदिग्ध की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
सीएम मोहन यादव ने जताया शोक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राकेश अग्रवाल की मौत पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक को मामले की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में शामिल दोषियों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस ने कानूनव्यवस्था पर सरकार को घेरा
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजधानी में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की उनके घर में हत्या कानूनव्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी घटना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला बोला। उन्होंने कानूनव्यवस्था को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह विभाग का भी प्रभार है।



