चुनाव आयोग ने अभी तक विधानसभा चुनावों की घोषणा तो नहीं की, लेकिन उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन तैयार करने में जुटे सभी राजनीतिक दल चुनाव के लिए कमर कस कर मैदान में उतर चुके हैं. इस बार के चुनाव में फोकस में दलित वोट बैंक हैं, इसलिए चाहें बीजेपी हो या सपा या कांग्रेस, सभी दलितों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे.

पिछले विधानसभा चुनाव की तर्ज पर समाजवादी पार्टी ने स्पेशल प्रचार गाड़ी डिजाइन कराया है. इसे पीडीए रथ नाम दिया गया है. योजना के मुताबिक यह पीडीए रथ प्रदेश की हरेक विधानसभा में जाएगा और पार्टी की नीति लोगों को बताएगा.
इस महासमर में कांग्रेस भी खुद को पीछे नहीं रख रही. माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी सपा के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतर सकती है. इस संबंध में अभी आधिकारिक ऐलान होना बाकी है. इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अपने स्तर पर पूरे प्रदेश में ताकत झोंक रखी है.
लंबी चुप्पी के बाद आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बसपा सुप्रीमो भी सक्रिय हो गई हैं. विधानसभा चुनावों में सम्मानित जीत हासिल करने के लिए वह लगातार बैठकें कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने पार्टी संगठन में भी कई बार सर्जरी कर दी. इसमें अपने भतीजे आकाश आनंद को साइड लाइन कर दिया.
अभी तक किसी पार्टी ने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन जैसे जैसे चुनाव का समय करीब आ रहा, संभावित उम्मीदवारों में भगवान की भक्ति जाग गई है. कोई राम कथा करा रहा, तो कोई श्रीमद् भागवत का आयोजन कर रहा. यहां तक कि बिना न्यौता के भी लोग कथा, पूजा व जागरण आदि कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं.
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का तो अलग ही मामला चल रहा है. वह बीजेपी में तो हैं, लेकिन लगातार सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की सराहना कर रहे हैं. बुधवार को ही उन्होंने कह दिया कि अखिलेश के बिना सब सूना है. यह स्थिति बीजेपी को असहज करने वाली है.



