BollywoodIndia

​Dadasaheb Phalke Award विजेता Asha Parekh का 84वां Birthday, हिंदी सिनेमा में दिया बड़ा योगदान

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख का आज यानी की 02 अक्टूबर को अपना 84वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी सफर में एक्टिंग, डांस और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी से दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। हालांकि उनका यह सफर इतना आसान नहीं रहा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस आशा पारेख के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…

​Dadasaheb Phalke Award विजेता Asha Parekh का 84वां Birthday, हिंदी सिनेमा में दिया बड़ा योगदान

जन्म और परिवार

मुंबई के सांता क्रूज में 02 अक्टूबर 1942 को आशा पारेख का जन्म हुआ था। उनको बचपन से ही डांस में दिलचस्पी थी। ऐसे में 8 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल में एक कार्यक्रम में डांस किया था। फिर आशा पारेख ने कथक और भरतनाट्यम की ट्रेनिंग भी ली।

फिल्मी सफर

निर्देशक बिमल रॉय ने आशा पारेख को एक स्टेज कार्यक्रम में डांस करते देखा। वह उनके डांस से इस कदर प्रभावित हुए कि आशा पारेख को फिल्म ‘बाप बेटी’ में बतौर बाल कलाकार काम करने का मौका दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘आसमान’, ‘मां’ और ‘श्री चैतन्य महाप्रभु’ जैसी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया।

एक फिल्म से कर दिया गया बाहर

एक्ट्रेस के फिल्मी करियर का एक अहम मोड़ फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ से जुड़ा है। इस फिल्म में आशा पारेख को बतौर एक्ट्रेस साइन किया गया और 11 रुपए उनको साइनिंग अमाउंट के रूप में दिए गए। इस फिल्म को लेकर एक्ट्रेस काफी उत्साहित भी थीं। लेकिन कुछ दिनों की शूटिंग के बाद उनको यह कहकर फिल्म से कहा दिया गया कि वह ‘स्टार मैटीरियल’ नहीं हैं। यह घटना एक्ट्रेस के लिए बड़ा झटका थी।

इस फिल्म से बदली किस्मत

फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ से बाहर होने के बाद एक्ट्रेस ने फिल्म ‘दिल देके देखो’ के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया। इस फिल्म में आशा को शम्मी कपूर के साथ मुख्य कैरेक्टर मिल गया। यह फिल्म सफल रही और आशा पारेख को बतौर एक्ट्रेस पहचान मिली। इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली और उनको कभी पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी।

इन फिल्मों से मिली पहचान

साल 1960 और 1970 के दशक में आशा पारेख को हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में गिना जाने लगा। अभिनेत्री ने ‘जब प्यार किसी से होता है’, ‘लव इन टोक्यो’, ‘मेरे सनम’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘आन मिलो सजना’, ‘आए दिन बहार के’, ‘कटी पतंग’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘उपकार’, ‘कारवां’ जैसी फिल्मों में काम किया था। फिल्म ‘कटी पतंग’ में अभिनेत्री के अभिनय को काफी ज्यादा पसंद किया गया। इस फिल्म के लिए आशा पारेख को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।

सम्मान

अभिनेत्री आशा पारेख को हिंदी सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मान से नवाजा गया। साल 1992 में उनको ‘पद्मश्री’ और साल 2002 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद साल 2020 में भारत सरकार द्वारा आशा पारेख को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply