लाइफ में एक समय पर आकर इमोशनली मेच्योर होना बेहद जरूरी हो जाता है. अपने अंदर के बच्चे को बनाए रखने के साथ ही भावनात्मक रूप से मजबूत होना अपने आप में एक कमाल का एक्सपीरियंस है. इमोशनली इम्मेच्योर लोगों को आमतौर पर अपने बिहेवियर के बारे में खुद पता नहीं होता है. उन्हें ज्यादातर इसका एहसास तब होता है जब उन्हें लोग टोकना शुरू कर देते हैं, लेकिन ये एक अच्छा एक्सपीरियंस नहीं रहता है. जाहिर तौर पर इस तरह से खुद को भावनात्मक रूप से अपरिपक्व कहलाना किसी को भी गुड फील नहीं कराएगा. फिलहाल अगर लोग आपको भी इमोशनली इमैच्योर कहते हैं तो जान लें कि आपको खुद में क्या चेंज लाने चाहिए.

अगर आपने भी ऐसा ही अनुभव किया है कि लोग आपको इमोशनली मेच्योर नहीं समझते हैं और आप वाकई में इसके बारे में कुछ करना चाहते हैं. अपनी पर्सनैलिटी में बदलाव लाना चाहते हैं तो एक्सपर्ट की बताई कुछ बातों को अपनी लाइफ में फॉलो करना शुरू कर सकते हैं. चलिए जान लेते हैं डिटेल में.
एक्सपर्ट ने बताए 4 तरीके
फ्लोरिडा स्थित थेरेपिस्ट जेफरी मेल्ट्जर इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने चार ऐसे तरीके बताए हैं जो इमोशनली मेच्योर बनने में आपकी मदद कर सकते हैं. इसमें बस आपको अपने बिहेवियर में छोटेछोटे से बदलाव लाने होंगे.
फीडबैक लेना सीखें
एक्सपर्ट कहते हैं कि मान लीजिए कि किसी इंसान की रिलेशनशिप से लेकर वर्कप्लेस तक पर बहुत सारी प्रॉब्लम आती हैं. दरअसल कई बार ऐसा तब होता है जब हम फ़ीडबैक को व्यक्तिगत टारगेट करने के तौर पर लेते हैं. यहां तक कि जब प्रतिक्रिया बिना मांगे ही दी गई हो, तब भी आप रुककर ये सोचे कि क्या उसमें आपके काम की भी कुछ बात है. जेफरी मेल्टजर का कहना है, “आपको हर बात से सहमत होने या अपमान को सहन करने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन किसी की बात पर विचार करने की इच्छा रखने से आपको सुधार का अवसर मिलता है. इससे लोगों को भी यह महसूस होता है कि वे बिना झिझक के आपके साथ खुलकर बात कर सकते हैं.”
माफी मांगना सीखें
एक्सपर्ट ने अपने व्यवहार में जो दूसरा बदलाव लाने को कहा है. वो है माफी मांगना सीखना. किसी इंसान के माफी मांगने में हिचकिचाहट होने के पीछे की वजह हो सकती हैं, लेकिन कभी कभी ये एक आसा स्किल होता है, जिसे कभी उन्हें सिखाया नहीं गया होता और कभी हमारा इगो इसके बीच में आ सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि अपनी गलती स्वीकार करने का मतलब यह नहीं है कि कोई आपसे श्रेष्ठ है. आप इंसान हैं और आपसे गलती हो सकती है, ऐसे में आपने जो भी गलती की है, उसकी जिम्मेदारी लेने की प्रैक्टिस करें.
सीधे तौर पर बात करें
रेपिस्ट जेफरी मेल्टजर कहते हैं कि जब कोई बात आपको परेशान करे तो इसे सामने लाने की झिझक की वजह से बचना ही बेहतर लगता है, लेकिन ऐसे में किसी भरोसेमंद इंसान से बात करना हेल्पफुल हो सकता है. हालांकि वो सुझाव देते हैं कि खुलकर बात करने के दौरान किसी दूसरे इंसान को टारगेट किए बिना ये बताना चाहिए कि आपको क्या बात परेशान कर रही है.
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अपने रिएक्शन की जिम्मेदारी लेना सीखें
थेरेपिस्ट कहते हैं कि आपको गुस्सा करने या निराश महसूस करने का अधिकार है, लेकिन ये इमोशन किसी और के साथ बुरा व्यवहार करने का बहाना नहीं बनने चाहिए. आप अपनी भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए भी लोगों के साथ किए गए अपने व्यवहार की जिम्मेदारी लेना सीखें.



