Vrindavan Gurukulam: वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में सोमवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया. गुरुकुल परिसर में बने टैंक, जिसमें पानी भरा जाता था, उसकी सफाई करने के दौरान चार छात्रों की मौत हो गई. हादसे के बाद गुरुकुल परिसर में अफरातफरी मच गई. चार छात्रों की मौत के बाद गुरुकुल की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों को टैंक के अंदर भेजे जाने को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

हादसे के बाद जब इस गुरुकुल की पृष्ठभूमि खंगाली गई तो जानकारी सामने आई कि जिस परिसर में यह गुरुकुल संचालित हो रहा था, वहां पहले गेस्ट हाउस चलता था. करीब 6 महीने पहले ही यह परिसर किराए पर लेकर गुरुकुल के संचालन के लिए दिया गया था. गुरुकुल में देश के अलगअलग स्थानों से छात्र शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे थे.
51 हजार रुपये में 3 साल की पढ़ाई
गुरुकुल में हर छात्र से करीब 51 हजार रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाता था. यह शुल्क तीन साल के अध्ययन के लिए बताया जा रहा है. तीन साल के दौरान विद्यार्थियों को कर्मकांड, भागवत कथा, रुद्राभिषेक, वेद, व्याकरण और ज्योतिष समेत धार्मिक एवं शास्त्रीय विषयों की शिक्षा दी जाती थी.
करीब 120 छात्र और तीन आचार्य
गुरुकुल में करीब 120 छात्र अध्ययन कर रहे थे. इन विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए तीन आचार्य थे. विद्यार्थियों की दिनचर्या भी पूरी तरह निर्धारित थी. सुबह करीब 5 बजे उठने के बाद स्नान, ध्यान और संध्या वंदन कराया जाता था. इसके बाद सुबह 8 बजे से कक्षाएं शुरू होती थीं, जो शाम 5 बजे तक चलती थीं.
सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक पढ़ाई
सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक कर्मकांड की कक्षा, इसके बाद नाश्ता, फिर 10 बजे से 12 बजे तक ज्योतिष की कक्षा होती थी. इसके बाद भजन, दोपहर 2 से 3 बजे तक वेद की कक्षा और शाम 3 से 5 बजे तक भागवत की कक्षा चलती थी. शाम को रुद्राभिषेक कराया जाता था. इसके बाद भोजन और फिर विश्राम की दिनचर्या थी.
विद्यार्थियों के पास नहीं रहता था मोबाइल
गुरुकुल की व्यवस्था के मुताबिक विद्यार्थियों को अपने पास मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं थी. यदि किसी छात्र को अपने परिजनों से बात करनी होती थी तो गुरुकुल की ओर से ही परिजनों से बातचीत कराई जाती थी.
टैंक की सफाई के लिए एक छात्र अंदर गया था. उसके बाद एकएक कर अन्य छात्र भी उसे बचाने के प्रयास में टैंक के अंदर चले गए. इसी दौरान सभी जहरीली गैस की चपेट में आ गए. चार विद्यार्थियों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुकुल के गुरु को हिरासत में लिया है. वहीं प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
हादसे में जिस टैंक को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वह कोई औद्योगिक टैंक नहीं बल्कि गुरुकुल परिसर में पानी जमा करने के लिए बनाया गया पानी का टैंक था. इसी टैंक की सफाई के दौरान छात्र उसके अंदर उतरे थे. अब जांच का अहम बिंदु यही है कि पानी के टैंक की सफाई के दौरान अंदर जाने से पहले सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और क्या टैंक के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी की जांच की गई थी.



