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​Banking Services Open Holidays: बैंक बंद होने पर भी चालू रहती हैं ये 6 Banking Services, जानें पूरी लिस्ट

Banking Services Open Holidays: आज की दुनिया में पैसे के बिना कोई काम नहीं होता है। ऐसे में कई लोग अपने पैसे की बचत करने के लिए बैंक में पैसे जमा करते हैं, जिससे वो थोड़ी थोड़ी जमा किए पैसे एक दिन उनके जरुरत के समय काम आ सके। लेकिन कई बार लंबी छुट्टी, रविवार या महीने के दूसरे शनिवार को बैंक पहुंच जाते हैं और फिर मायूस होकर लौटना पड़ता है। लेकिन आजकल बैंक से जुड़े कुछ काम मोबाइल के जरिए ऑनलाइ हो जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि, बैंक के समय कौन कौन सी सेवाएं चालू रहती हैं?

​Banking Services Open Holidays: बैंक बंद होने पर भी चालू रहती हैं ये 6 Banking Services, जानें पूरी लिस्ट

Holidays में भी नहीं रुकते बैंक के ये काम

अब भले ही कुछ दिन बैंक बंद रहते हों लेकिन अब डिजिटल दौर की वजह से आम जनता को ज्यादा आसुविधाएं नहीं झेलनी पड़ती क्योंकि कई काम मोबाइल के जरिए हो जाते हैं। आइए जानें

1. बैंक बंद होने या छुट्टियों के दिन भी डिजिटल, ऑनलाइन और स्वसेवा बैंकिंग सेवाएं  गूगल पे, फोनपे, पेटीएम पूरी तरह 24/7 चालू रहती हैं।

2. आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस ये सभी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सेवाएं छुट्टियों और रात के समय सहित 24/7 काम करती हैं।

3. एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीन पैसे निकालने और जमा करने के लिए   खुली रहती हैं।

4. बैंक के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के जरिए अकाउंट बैलेंस चेक करना, बिल भुगतान और अन्य ऑनलाइन काम किए जा सकते हैं।

5. डेबिट और क्रेडिट कार्ड सेवाएं जैसे ऑनलाइन शॉपिंग, पीओएस मशीन से भुगतान और कार्ड ब्लॉक/हॉटलिस्ट करने की सुविधा चालू रहती है।

6. आप छुट्टियों के दिन भी एटीएम या बैंक के बाहर लगे ड्रॉप बॉक्स में चेक डाल सकते हैं, जो अगले वर्किंग डे पर प्रोसेस होता है।

Holidays कौन से काम रह जाते हैं अधूरे

बैंक बंद होने या छुट्टियों के दौरान कई डिजिटल सेवाएं चालू रहती हैं, लेकिन कुछ काम ऐसे होते हैं जिन्हें आप ऑनलाइन नहीं कर सकते और उनके लिए बैंक शाखा खुलना जरूरी होता है।

1. फिजिकल चेक को जमा करना या उसकी क्लियरेंस का काम बैंक बंद होने पर ऑनलाइन नहीं हो पाता।

2. आप घर बैठे कुछ चुनिंदा बैंकों में इंस्टेंट डिजिटल अकाउंट खोल सकते हैं, लेकिन पूर्ण केवाईसी या विशिष्ट प्रकार के खाते ऑफलाइन शाखा में ही खुलते हैं।

3. बैंक की पासबुक प्रिंटिंग या अपडेट करने की सुविधा शाखा या मशीन पर ही मिलती है, यह नेट बैंकिंग या ऐप के जरिए सीधे प्रिंट नहीं होती।

4.बैंक के लॉकर्स को खोलने और बंद करने की प्रक्रिया बैंक के कर्मचारी की मौजूदगी में ही संभव होती है, जो छुट्टियों में बंद रहती है।

5. लोन के लिए जरूरी मूल भौतिक दस्तावेजों को जमा करना और उनका सत्यापन बैंक अधिकारी के सामने ही होता है।

6. अपने बैंक खाते को पूरी तरह बंद करना या एक शाखा से दूसरी शाखा में ट्रांसफर करवाने का काम ऑनलाइन आसानी से पूरा नहीं होता है।

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