
ग्वालियर: सिंधिया राजघराने की संपत्तियों के बंटवारे से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में एक बार फिर नया मोड़ आया है। मामले की सुनवाई के दौरान राजघराने की सदस्य प्रतिमा देवी ने संपत्ति बंटवारे से जुड़े दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षरों की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर उनकी पूरी सहमति से नहीं, बल्कि कथित तौर पर धोखे से कराए गए थे।
वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से इस दावे का विरोध किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब अदालत 14 अक्टूबर 2026 को प्रतिमा देवी के अतिरिक्त आवेदन पर फैसला सुना सकती है।
प्रतिमा देवी ने कोर्ट में दिया अतिरिक्त आवेदन
प्रतिमा देवी की ओर से अदालत में दाखिल अतिरिक्त आवेदन में दावा किया गया है कि संपत्ति बंटवारे से संबंधित दस्तावेजों और न्यायालयीन नोटिस की उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई।
उनका कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और नोटिस कथित तौर पर गलत पते पर भेजे गए, जिसके चलते उन्हें मामले की पूरी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संपत्ति बंटवारे से जुड़े दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर उनकी वास्तविक सहमति के आधार पर नहीं कराए गए।
प्रतिमा देवी ने अदालत से अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने की अनुमति मांगी है।
परिवार के अन्य सदस्यों ने किया विरोध
प्रतिमा देवी की आपत्तियों का ज्योतिरादित्य सिंधिया, उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे की ओर से विरोध किया गया। परिवार की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में दलील दी कि संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर सहमति से किए गए थे और लगाए गए आरोपों से वे सहमत नहीं हैं।
परिवार की ओर से यह भी दलील दी गई कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने के बाद परिवार के सदस्यों ने साथ में डिनर किया था। उस दौरान तस्वीरें भी ली गई थीं। इन तस्वीरों और घटनाक्रम को उस समय परिवार के बीच सहमति होने के संकेत के तौर पर पेश किया गया।
दस्तावेजों की जानकारी को लेकर भी विवाद
मामले की सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि संपत्ति बंटवारे से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज प्रतिमा देवी को सही तरीके से उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।
प्रतिमा देवी इसी आधार पर अतिरिक्त आवेदन के जरिए साक्ष्य पेश करने की अनुमति चाहती हैं। दोनों पक्ष इस आवेदन पर अपनी दलीलें पूरी कर चुके हैं।
अब अदालत यह तय करेगी कि प्रतिमा देवी की ओर से उठाई गई आपत्तियों और अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने की मांग को स्वीकार किया जाए या नहीं।
जयविलास पैलेस समेत कई संपत्तियां विवाद में
सिंधिया परिवार की संपत्तियों के बंटवारे का मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है। विवाद में जयविलास पैलेस समेत राजघराने की अन्य संपत्तियां भी शामिल हैं। इनके मूल्यांकन और बंटवारे की प्रक्रिया से जुड़े कई कानूनी पहलुओं पर भी कार्यवाही चल रही है।
अब 14 अक्टूबर की तारीख इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी दिन अदालत प्रतिमा देवी की ओर से दाखिल अतिरिक्त आवेदन और उनकी आपत्तियों पर अपना फैसला सुना सकती है।
मामले में लगाए गए दावों और आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत के फैसले और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।



