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गाजियाबाद: बेटे की मौत को हादसा नहीं मान रहे रिटायर्ड वायु सैनिक, तीन दिन से धरने पर बैठे पिता ने मांगी CBI जांच.

गाजियाबाद: बेटे की मौत को हादसा नहीं मान रहे रिटायर्ड वायु सैनिक, तीन दिन से धरने पर बैठे पिता ने मांगी CBI जांच.

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश: अपने बेटे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर एक सेवानिवृत्त वायु सैनिक पिछले तीन दिनों से गाजियाबाद कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे हैं। रिटायर्ड वायु सैनिक खजान सिंह का कहना है कि उनके बेटे आयुष प्रताप सिंह की मौत को शुरुआत में हादसा माना गया था, लेकिन बाद में सामने आए कुछ तथ्यों ने उन्हें घटना पर संदेह करने के लिए मजबूर किया।

खजान सिंह का कहना है कि वह भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनका कहना है कि जिस दिन देश में एयरफोर्स डे मनाया जा रहा है, उस दिन भी वह कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे हैं।

दही लेने घर से निकला था बेटा

खजान सिंह के अनुसार, उनका बेटा आयुष IIT की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 28 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब एक बजे वह घर से दही लेने के लिए निकला था। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिवार ने उसके मोबाइल पर फोन किया।

पिता का दावा है कि फोन किसी दूसरे व्यक्ति ने उठाया और बताया कि आश्रम रोड पर आयुष का एक्सीडेंट हो गया है और उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया जा रहा है। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया।

CCTV और हेलमेट को लेकर पिता ने उठाए सवाल

खजान सिंह का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने भी इसे सड़क हादसा ही माना था, लेकिन बाद में उन्हें यह बात संदिग्ध लगी कि आयुष दही लेने के लिए घर से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर क्यों गया था।

उन्होंने खुद घटना की जानकारी जुटानी शुरू की। पिता के मुताबिक, घटनास्थल से कुछ दूरी पहले लगे CCTV की फुटेज में आयुष के हेलमेट पहने होने की जानकारी मिली। उनका आरोप है कि हादसे के दौरान उसके सिर और नाक पर चोट लगी, जबकि हेलमेट सड़क के दूसरी तरफ पड़ा मिला। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर वह घटना की दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं।

ठेकेदार समेत चार लोगों पर लगाया आरोप

खजान सिंह ने आरोप लगाया है कि पाइपलाइन डालने के काम में कथित भ्रष्टाचार का विरोध करने के कारण कुछ लोगों से उनकी रंजिश थी। उनका दावा है कि इसी विवाद के चलते एक ठेकेदार समेत चार लोगों की भूमिका उनके बेटे की मौत में हो सकती है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि आयुष की मौत सड़क हादसा थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

छह अक्टूबर से धरना, CBI जांच की मांग

खजान सिंह के मुताबिक, उन्होंने मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अभी तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी के विरोध में उन्होंने 6 अक्टूबर से गाजियाबाद कलक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू किया है।

धरने के पहले दिन उन्होंने भूख हड़ताल भी की। किसान यूनियन ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दिया है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई है।

परिवार अब मामले की निष्पक्ष जांच और बेटे की मौत की असली वजह सामने लाने की मांग कर रहा है।

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