
सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत जिले के कथूरा गांव में देवी मंदिर के 25 वर्षीय पुजारी सचिन की कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पुजारी के बारे में अश्लील हरकतों से जुड़ी अफवाहें फैलने के बाद कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन साल से मंदिर में पुजारी था सचिन
जानकारी के मुताबिक, सचिन पिछले करीब तीन वर्षों से कथूरा गांव के देवी मंदिर में पुजारी के रूप में रह रहा था। वह 12वीं तक पढ़ा था और करीब सात साल पहले अपना घर छोड़ दिया था। इसके बाद वह पंजाब और रोहतक के सांघी गांव में भी रहा। बाद में कथूरा के मंदिर में रहने लगा।
अफवाहों के बाद मारपीट का आरोप
मृतक के भाई अमन के अनुसार, सचिन के बारे में अश्लील हरकतों से जुड़ी अफवाहें फैलाई जा रही थीं। परिवार का आरोप है कि इन्हीं बातों के चलते कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसकी जान चली गई।
पुलिस को भी सूचना मिली थी कि कथूरा गांव में पुजारी को अश्लील हरकतों के शक में पीटा गया है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले हादसे की मिली थी सूचना
अमन ने बताया कि शुरुआत में उसे जानकारी मिली थी कि सचिन किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया है। जब वह गांव पहुंचा, तो उसे बताया गया कि कुछ लोग सचिन के साथ मारपीट करके उसे वहां छोड़ गए थे। बाद में अस्पताल में उसकी मौत की पुष्टि हुई।
अमन के मुताबिक, सचिन ने घटना से कुछ दिन पहले फोन पर बातचीत के दौरान यह भी बताया था कि कुछ लोग उसे परेशान कर रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का केस
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। गांव के सरपंच नवीन पुजारी को घायल सचिन अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
बरौदा थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और घटना के सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।
अफवाहों के आधार पर हिंसा गंभीर चिंता का विषय
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि किसी व्यक्ति के बारे में फैली अपुष्ट बातों के आधार पर कानून अपने हाथ में लेना कितना गंभीर परिणाम ला सकता है। किसी भी आरोप की जांच करना पुलिस और कानून का काम है। अफवाहों के आधार पर हिंसा करना एक गंभीर अपराध है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और परिजनों की शिकायत पर आधारित है। घटना में शामिल लोगों और हत्या के कारणों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



