BiharCrimeIndiaTrending

बेतिया में 2 साल की अनन्या की हत्या से हड़कंप! जिस घर की 3 बार तलाशी ली, उसी की छत पर बोरी में मिला शव.

बेतिया में 2 साल की अनन्या की हत्या से हड़कंप! जिस घर की 3 बार तलाशी ली, उसी की छत पर बोरी में मिला शव.

बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया में दो वर्षीय अनन्या की मौत के मामले ने सभी को झकझोर दिया है। छह अक्टूबर को लापता हुई बच्ची का शव गुरुवार देर शाम एक घर की छत पर बोरी में बंद मिला। हैरानी की बात यह है कि जिस घर की छत से शव बरामद हुआ, पुलिस वहां पहले भी तीन बार तलाशी ले चुकी थी। इस घटनाक्रम के बाद जांच की प्रक्रिया और तलाशी के दौरान संभावित चूक को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

घर के बाहर खेलते समय लापता हुई थी बच्ची

मझौलिया पंचायत के वार्ड नंबर 5 में रहने वाली अनन्या छह अक्टूबर को घर के दरवाजे के पास खेल रही थी। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दी, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों के मुताबिक, करीब 20 मिनट बाद बच्ची को ढूंढना शुरू किया गया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। परिवार का आरोप था कि फुटेज में पड़ोस की एक किशोरी बच्ची को गोद में लेकर जाती दिखाई दी। परिजनों ने पुलिस को फुटेज सौंपते हुए पड़ोस की किशोरी समेत तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

तीन बार तलाशी के बाद भी नहीं मिला सुराग

बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध किशोरी की मां और भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित घर की तीन बार तलाशी ली गई, लेकिन उस दौरान बच्ची का पता नहीं चला।

तीन दिन तक बच्ची की तलाश जारी रही। गुरुवार देर शाम उसी घर की छत से बोरी में बंद अनन्या का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

पड़ोसियों के बीच विवाद हत्या की वजह होने का दावा

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि बच्ची का अपहरण करने के बाद ही उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद चल रहा था और उसी विवाद को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है।

मामले में 17 वर्षीय किशोरी को लेकर कार्रवाई की गई है। उसके माता-पिता, भाई समेत अन्य लोगों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले में सभी संबंधित लोगों की भूमिका जांच के अधीन है और आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।

पुलिस की जांच पर उठ रहे सवाल

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीसीटीवी फुटेज मिलने और संदिग्धों से पूछताछ के बावजूद बच्ची का पता पहले क्यों नहीं चल सका। जिस घर में पुलिस ने कई बार तलाशी ली, वहीं की छत से शव बरामद होने के बाद तलाशी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।

अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि शुरुआती तलाशी के दौरान किन जगहों की जांच की गई थी और शव बरामद करने में देरी कैसे हुई। साथ ही, बच्ची की मौत के वास्तविक घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है।

दो साल की बच्ची की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस मामले में आगे की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात कैसे हुई और शुरुआती जांच में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के शुरुआती बयानों पर आधारित है। आरोपों, संदिग्धों की भूमिका और जांच में संभावित चूक के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply