समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वह राम मंदिर के दर्शन के लिए जाएंगे. अखिलेश यादव ने कहा कि जो मैंने पूर्व में संकल्प लिया था. इटावा में केदारेश्वर धाम के पूर्ण होने के बाद राम मंदिर के दर्शन के लिए जाएंगे, लेकिन साथ ही साथ मैं अपनी पार्टी नेता पवन पांडे से कहूंगा कि एक तारीख निकलवाइए, मुहूर्त निकलवाइए. हम सब विधायक, सांसद एक साथ दर्शन के लिए पहुंचेंगे.

बता दें कि अयोध्या में पवन पांडे की ओर से आयोजित धार्मिक समारोह में शामिल हुए थे, लेकिन भाजपा ने आरोप लगाया था कि चूंकि समाजवादी पार्टी के हाथ कारसेवकों के खून से रंगे हैं, इसलिए वे रामलला के दर्शन करने नहीं गए. उसके बाद अखिलेश यादव का यह बयान आया है.
उन्होंने भाजपा सरकार पर अयोध्या के निवासियों के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया, जिनकी जमीन, घर और दुकानें डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए एक्वायर की गई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मार्केट रेट पर मुआवजा नहीं मिला और डेवलपमेंट के काम से उन्हें सही फायदा नहीं हुआ.
विधानसभा चुनाव जीतने पर पार्टी का फोकस
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने शुक्रवार को दोहराया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी का फोकस जीतने पर है और उसकी स्ट्रैटेजी सीटों की संख्या के बजाय जीत की संभावनाओं से तय होगी. उन्होंने दावा किया कि समाजवादी 2024 के लोकसभा इलेक्शन में अपने परफॉर्मेंस के बाद भाजपा को फिर से हरा देगी.
अखिलेश यादव बलिया में सिकंदरपुर तहसील के नवानगर ब्लॉक के गोसाईपुर गांव गए और पूर्व नेता प्रतिपक्ष और मंत्री राम गोविंद चौधरी के परिवार से मिले, जिनका 25 सितंबर को निधन हो गया था. उन्होंने चौधरी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि बलिया में उनकी याद में एक मूर्ति लगाई जाएगी.
अखिलेश यादव ने अपने PDA गठबंधन के प्रति समाजवादी का कमिटमेंट दोहराया और कहा कि पार्टी अन्याय का सामना कर रहे लोगों के साथ खड़ी है.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की हालत पर जताई चिंता
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की हालत पर सवाल उठाते हुए, यादव ने गड्ढों की रिपोर्ट का जिक्र किया और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी और मेंटेनेंस पर चिंता जताई. उनकी यह बात एक्सप्रेसवे पर हुए एक एक्सीडेंट के बाद रोड सेफ्टी पर फिर से उठ रहे सवालों के बीच आई, जिसमें चार युवा क्रिकेटर और दूसरे लोग मारे गए थे.
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के मुद्दे पर, अखिलेश यादव ने इथेनॉल में गलत चीज मिलाने के संभावित नतीजों पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों की परेशानियों से ध्यान हटाने के बजाय उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए.



