
राघोपुर, भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के राघोपुर में गंगा नदी का कटाव लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। नदी की तेज धारा के सामने घर और जमीन टिक नहीं पाए। देखते ही देखते बाबा बजरंगबली मंदिर और पूर्व जिला परिषद सदस्य के घर समेत पांच घर गंगा में समा गए। करीब 150 मीटर के दायरे में हुए इस भीषण कटाव ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। हालात ऐसे बने कि लोगों को रात के अंधेरे में अपना घर छोड़कर परिवार और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित जगहों की ओर जाना पड़ा।
रात में तेज हुआ कटाव, देखते ही देखते नदी में समा गए घर
यह घटना भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड अंतर्गत राघोपुर इलाके की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध के पास गंगा का कटाव अचानक तेज हो गया। नदी किनारे की जमीन धंसने लगी और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
रिपोर्ट के अनुसार, रात करीब साढ़े दस बजे तक बाबा बजरंगबली मंदिर और पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रेमलता देवी के घर समेत पांच घर नदी में समा गए। जिन लोगों ने वर्षों की मेहनत से अपने आशियाने बनाए थे, वे उन्हें अपनी आंखों के सामने उजड़ते देखने को मजबूर हो गए।
कटाव बढ़ने के साथ ही आसपास के घरों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई। परिवारों ने जरूरी सामान समेटना शुरू किया और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। अंधेरे में लोग अपने बच्चों, बुजुर्गों और सामान को बचाने की कोशिश करते नजर आए।
रेलवे बांध के पास कटाव से बढ़ी चिंता
राघोपुर में करीब 150 मीटर के हिस्से में हुए कटाव ने रेलवे टैरिंग बांध की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि कटाव पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो पुरानी रेलवे लाइन के आसपास के हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है।
ग्रामीणों की चिंता केवल घरों और जमीन तक सीमित नहीं है। कटाव आगे बढ़ने की स्थिति में आसपास के इलाके और आवागमन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लोग चाहते हैं कि नदी के कटाव को रोकने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बाकी बचे घरों और जमीन को सुरक्षित रखा जा सके।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
कटाव की सूचना मिलने के बाद नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रभावित इलाके की स्थिति को देखते हुए लोगों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने को लेकर भी गतिविधियां हुईं।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। जिन परिवारों के घर नदी में समा गए, उनके सामने रहने और जरूरी सामान की व्यवस्था जैसी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। वहीं, आसपास रहने वाले लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं गंगा का कटाव आगे बढ़कर और नुकसान न पहुंचा दे।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों में दी गई जानकारी पर आधारित है। कटाव से हुए नुकसान और रेलवे बांध पर संभावित खतरे की मौजूदा स्थिति की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक विभागों से की जानी चाहिए।



